ट्विशा शर्मा केस: जमानत के लिए हाई कोर्ट पहुंचीं पूर्व जज गिरिबाला सिंह, जिला अदालत से नहीं मिली थी राहत
जबलपुर, 03 अगस्त (हि.स.)। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के बहुचर्चित ट्विशा शर्मा प्रकरण में आरोपी पूर्व जिला न्यायाधीश गिरिबाला सिंह ने नियमित जमानत के लिए मध्य प्रदेश हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।
जिला एवं सत्र न्यायालय भोपाल द्वारा उनकी जमानत याचिका खारिज किए जाने के बाद सोमवार को जबलपुर स्थित हाई कोर्ट में एमसीआरसी क्रमांक 37723/2026 के माध्यम से नियमित जमानत याचिका दायर की गई है। फिलहाल यह याचिका किसी न्यायाधीश की पीठ के समक्ष सूचीबद्ध नहीं हुई है और सुनवाई की तिथि निर्धारित होना शेष है।
जिला एवं सत्र न्यायालय भोपाल ने 25 जुलाई को पारित आदेश में कहा था कि ट्विशा शर्मा की मृत्यु विवाह के सात वर्ष के भीतर संदिग्ध परिस्थितियों में हुई है तथा मामला गंभीर प्रकृति का है। अदालत ने केस डायरी, व्हाट्सएप चैट, कॉल डिटेल रिकॉर्ड और गवाहों के बयानों का उल्लेख करते हुए माना था कि गिरिबाला सिंह पूर्व न्यायिक अधिकारी होने के कारण प्रभावशाली हैं। ऐसे में जमानत मिलने पर साक्ष्यों और गवाहों के प्रभावित होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
अदालत ने अपने आदेश में यह भी स्पष्ट किया था कि आरोपी की आयु, स्वास्थ्य संबंधी स्थिति और पारिवारिक परिस्थितियां इस स्तर पर नियमित जमानत दिए जाने के लिए पर्याप्त आधार नहीं हैं।
उल्लेखनीय है कि इससे पहले मध्य प्रदेश हाई कोर्ट गिरिबाला सिंह को प्रदान की गई अग्रिम जमानत निरस्त कर चुका है, जिसके बाद मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) को सौंप दी गई थी। सीबीआई जांच के दौरान गिरिबाला सिंह 29 मई 2026 से न्यायिक अभिरक्षा में हैं। अब उनकी नियमित जमानत याचिका पर मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के निर्णय का इंतजार है। मामले में सुनवाई की तिथि शीघ्र निर्धारित होने की संभावना है।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / विलोक पाठक