मप्र हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति कोगजे ने संभाला पदभार
जबलपुर, 11 सितंबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के रूप में न्यायमूर्ति कोगजे के समक्ष न्यायिक संस्थान को और अधिक मजबूत तथा प्रभावी बनाने की बड़ी जिम्मेदारी होगी। शुक्रवार को जबलपुर में मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश का कार्यभार ग्रहण करने के साथ ही उनकी न्यायिक यात्रा ने मध्य प्रदेश में एक नया अध्याय शुरू किया है।
उनका स्पष्ट संदेश है कि मजबूत न्यायिक व्यवस्था केवल न्यायाधीशों के प्रयासों से नहीं बनती, बल्कि स्वतंत्र बार, सक्षम रजिस्ट्री, समर्पित न्यायिक एवं प्रशासनिक तंत्र तथा न्याय की उम्मीद लेकर अदालत पहुंचने वाले प्रत्येक व्यक्ति के प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण के सामूहिक प्रयास से आकार लेती है।
न्यायमूर्ति कोगजे ने न्यायिक प्रक्रिया में स्वतंत्रता और निर्भीकता के साथ शिष्टाचार तथा पारस्परिक सम्मान के संतुलन को भी महत्वपूर्ण बताया है। उनका मानना है कि यही संतुलन न्याय व्यवस्था की वास्तविक शक्ति और उसकी विश्वसनीयता को मजबूत करता है।
मुख्य न्यायाधीश के रूप में उनके सामने मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की मुख्य पीठ जबलपुर के अलावा इंदौर और ग्वालियर खंडपीठों की न्यायिक व्यवस्था के प्रभावी संचालन की जिम्मेदारी होगी। लंबित मामलों का शीघ्र निराकरण, न्यायिक प्रशासन में बेहतर समन्वय और आम नागरिक के लिए न्याय की प्रक्रिया को अधिक सुगम एवं सुलभ बनाना उनकी प्राथमिकताओं में शामिल रहेगा।
गुजरात में अधिवक्ता के रूप में शुरू हुआ न्यायमूर्ति कोगजे का पेशेवर सफर सरकारी अधिवक्ता और विशेष लोक अभियोजक की जिम्मेदारियों से आगे बढ़ते हुए हाई कोर्ट के न्यायाधीश और अब मुख्य न्यायाधीश के पद तक पहुंचा है।
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हिन्दुस्थान समाचार / विलोक पाठक