अशोकनगरः कलेक्ट्रेट में हाईवोल्टेज ड्रामा, जनसुनवाई में किसी ने छिडक़ा ज्वलनशील पदार्थ तो कोई इच्छा मृत्यु मांगने पहुंचा
अशोकनगर, 30 जून (हि.स.)। मध्य प्रदेश का अशोकनगर जिला प्रशासनिक लापरवाही और भू-माफियाओं के आतंक का गढ़ बनता जा रहा है। यहां जमीन संबंधी समस्याओं का समय पर निराकरण न होने से परेशान ग्रामीण अब आत्मघाती कदम उठाने को मजबूर हैं।
मंगलवार को साप्ताहिक जनसुनवाई के दौरान कलेक्ट्रेट परिसर उस समय अखाड़ा बन गया, जब न्याय न मिलने से हताश कई आवेदकों ने एक के बाद एक अजीबोगरीब और खौफनाक तरीके से अपना विरोध दर्ज कराया। कलेक्ट्रेट के बाहर भीषण गर्मी में दूर-दराज से आए पीड़ित महिला-पुरुष हाथों में तख्तियां लिए जमीन पर धरने पर बैठे नजर आए।
कलेक्ट्रेट परिसर में घटे तीन बड़े घटनाक्रम:
1. रातीखेड़ा के पीड़ित ने खुद पर उड़ेला ज्वलनशील पदार्थ:जनसुनवाई में उस समय हडक़ंप मच गया जब समीपस्थ ग्राम रातीखेड़ा से आए आवेदक टुंडा अहिरवार ने अचानक अपने ऊपर ज्वलनशील पदार्थ उड़ेल लिया। पीड़ित का आरोप था कि उसकी आधिपत्य और स्वामित्व वाली जमीन पर दबंगों ने अवैध कब्जा कर रखा है। सरकारी स्तर पर जमीन का सीमांकन होने के बावजूद उसे कब्जा नहीं दिलाया जा रहा है। मौके पर तैनात पटवारी की मिलीभगत के कारण उसे चक्कर काटने पड़ रहे हैं। युवक को आत्मदाह का प्रयास करते देख मौके पर मौजूद एसडीएम इसरार खान और पुलिस बल ने तुरंत फुर्ती दिखाई और पीड़ित पर ठंडा पानी डालकर उसे शांत कराया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।
2. बहादुरपुर का वृद्ध पेट के बल घिसटते हुए इच्छा मृत्यु मांगने पहुंचा:
कलेक्ट्रेट परिसर में दूसरा सबसे झकझोर देने वाला नजारा तब देखने को मिला, जब बहादुरपुर कस्बे के बुजुर्ग रघुनाथ सिंह दांगी पेट के बल घिसटते (लेटकर) हुए जनसुनवाई कक्ष की ओर बढ़े। उनका आरोप कि दबंग भू-माफियाओं ने मेरी जमीन छीन ली है। दफ्तरों के चक्कर काट-काटकर थक चुका हूं, लेकिन न्याय नहीं मिला। अब घुट-घुट कर जीने से बेहतर है कि कलेक्टर साहब मुझे इच्छा मृत्यु की अनुमति दे दें।
3. ईसागढ़ के श्यामा ने कुटीर पर कब्जे के खिलाफ किया जमकर हंगामा:
वहीं, ईसागढ़ कस्बा निवासी श्यामा पुत्र हल्लू भी कलेक्ट्रेट में न्याय की आस लेकर पहुंचे थे। उनकी शिकायत थी कि दबंगों ने उनकी सरकारी कुटीर पर अवैध कब्जा कर उसमें भूसा भर दिया है। जनसुनवाई में जब लंबे समय बाद भी उनकी फाइल पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो पीड़ित का सब्र टूट गया और उन्होंने कलेक्ट्रेट परिसर में ही जमकर चीख-पुकार करते हुए हंगामा शुरू कर दिया।
गलत सीमांकन और दबंगई के खिलाफ गूंजे नारे:
कलेक्ट्रेट के मुख्य द्वार से लेकर परिसर के भीतर तक जिले के विभिन्न दीगर क्षेत्रों से आए ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा थी। पीड़ित अपने हाथों में तख्तियां लेकर जमीन पर ही बैठ गए और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों की तख्तियों पर साफ लिखा था कि प्रशासन की मिलीभगत से जमीनों का गलत सीमांकन बंद करो और दबंगों के अवैध कब्जों से हमें मुक्त करा
हिन्दुस्थान समाचार / देवेन्द्र ताम्रकार