अनूपपुर: आदेश की अवहेलना पर उच्च न्यायालय ने कलेक्टर, डीसी, एसी आदिवासी विकास एवं प्राचार्य को किया तलब

 


अनूपपुर, 27 अप्रैल (हि.स.)। उच्च न्यायालय जबलपुर ने अनूपपुर जिले के कन्या परिसर अनूपपुर में पदस्थ सहायक ग्रंथपाल संतोष कुमार शुक्ला के नियमितीकरण के पश्चात दिए जाने वाले लाभों में एरियर्स, समयमान वेतनमान जानबूझकर रोक कर रखा गया, पहली किश्त जारी करने के बाद उच्च न्यायालय और शासन के आदेश को दरकिनार करते हुए रिकवरी निकाल दी गई और अन्य सभी लाभों को रोक दिया गया। जिससे व्यथित होकर शुक्ला ने उच्च न्यायालय की शरण ली जिस पर न्यायालय कलेक्टर हर्षल पंचोली सहित संभागीय उपायुक्त आदिवासी विकास शहडोल, सहायक आयुक्त आदिवासी विकास अनूपपुर सरिता नायक, तथा प्राचार्य कन्या परिसर अनूपपुर प्रमिला पांडे को 28 अप्रैल मंगलवार को प्रात: 10.30 पर उच्च न्यायालय कोर्ट रूम नंबर 13 में उपस्थित होने के निर्देश दिए गए हैं।

उच्च न्यायालय जबलपुर के वरिष्ठ अधिवक्ता कैलाश चंद्र घिल्डियाल ने सोमवार को बताया कि संतोष कुमार शुक्ला सहायक ग्रंथपाल कन्या परिसर अनूपपुर के देयकों के भुगतान शासन द्वारा उच्च न्यायालय के आदेश अनुसार सभी लाभ दिए जाने के स्पष्ट निर्देश दिए गए थे, विभाग ने नियमितीकरण के पश्चात दिए जाने वाले लाभों में एरियर्स, समयमान वेतनमान जानबूझकर रोक कर रखा गया, पहली किश्त जारी करने के बाद उच्च न्यायालय और शासन के आदेश को दरकिनार करते हुए रिकवरी निकाल दी गई और अन्य सभी लाभों को रोक दिया गया।

कोष एवं लेखा संभागीय संयुक्त संचालक रीवा के पत्र 01मई 2025 द्वारा, समस्त दस्तावेजी कार्यवाही पूर्ण करने हेतु वांछित कागजात मंगाए गए थे, जिला कोषालय के पत्र 30 मई 2025 द्वारा सहायक आयुक्त आदिवासी विकास अनूपपुर को भेजे पत्र में पुनः जानकारी मांगी गई, जिससे सभी लंबित भुगतान किए जा सकें पर यह सभी पत्र सहायक आयुक्त आदिवासी विकास अनूपपुर कार्यालय में दबा रहा कोई जानकारी न रीवा भेजी गई और न ही अनूपपुर कोषालय को दी गई, इसी बीच सहायक आयुक्त आदिवासी विकास अनूपपुर द्वारा संतोष कुमार शुक्ला के विरुद्ध 23 जनवरी 2025 को रिकवरी आदेश जारी कर पंद्रह दिनों राशि जमा करने के निर्देश दे दिए गए जबकि बकाया भुगतान अभी भी रुका हुआ था, विभाग की लापरवाही और दमनात्मक कार्यवाही से आहत होकर संतोष कुमार शुक्ला ने जबलपुर उच्च न्यायालय में अवमानना याचिका प्रस्तुत की गई।

जिसमें हर्षल पंचोली कलेक्टर अनूपपुर, संभागीय उपायुक्त आदिवासी विकास शहडोल, सरिता नायक सहायक आयुक्त आदिवासी विकास अनूपपुर एवं प्राचार्य कन्या परिसर अनूपपुर प्रतिवादी बनाया गया। याचिका पर सुनवाई करते हुए उच्च न्यायालय ने चारों प्रतिवादियों को 10 मार्च 2025 को नोटिस जारी कर जवाब त्रुटिपूर्ण प्रस्तुत करने और समयसीमा में रिट याचिका का अनुपालन नहीं करने पर उच्च न्यायालय ने 16 अप्रैल 2026 को एक सप्ताह में याचिका के अनुरूप क्रियान्वयन करने का आदेश जारी दिया। साथ ही क्रियान्वयन नहीं होने पर अनावेदक क्रमांक चार को न्यायालय में उपस्थित होने के निर्देश दिए थे, 24 अप्रैल 2026 को अनावेदक के अधिवक्ता द्वारा अनुरोध किए जाने पर प्रकरण पुनः 27अप्रैल2026 को लगा जिसमे सुनवाई के दौरान प्राचार्य कन्या परिसर अनूपपुर उपस्थित रहीं। जिस पर न्यायालय ने दो वर्ष तक भुगतान की देरी मानते हुए चारो अनावेदकों को मंगलवार की सुबह 10.30 बजे उच्च न्यायालय जबलपुर में उपस्थित रहने के आदेश दिया हैं।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश शुक्ला