मप्र के कई जिलों में झमाझम बारिश, बड़वानी का सबसे बड़ा तालाब ओवरफ्लो, टीकमगढ़ में बांध के 4 गेट खुले

 




भोपाल, 13 सितम्बर (हि.स.) । मध्य प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। रविवार को राजधानी भोपाल सहित कई जिलों में तेज बारिश का दौर जारी है। लगातार बारिश से बड़वानी में जिले का सबसे बड़ा रलावती तालाब ओवरफ्लो हो गया, जबकि टीकमगढ़ में बान सुजारा बांध के 4 गेट खोलने पड़े। वहीं, मुरैना में चंबल नदी में नहाते समय पिता-पुत्र डूब गए।

रविवार को प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम बदला और तेज बारिश का दौर शुरू हुआ। बड़वानी के सेंधवा में नदी-नाले और तालाब उफान पर आ गए। रलावती का जिले का सबसे बड़ा तालाब लबालब भरने के बाद ओवरफ्लो हो गया। इसके वेस्ट वेयर से पानी बहने लगा है। डेब नदी और कमोदवाड़ा तालाब का जलस्तर भी लगातार बढ़ रहा है। जलस्तर बढ़ने के कारण ओझर क्षेत्र में अलर्ट जारी किया गया है।

चंबल में पिता-पुत्र डूबे, एक का शव मिला

मुरैना में रविवार को चंबल नदी में नहाते समय पिता-पुत्र डूब गए। दोनों बाबू महाराज मंदिर में दर्शन के लिए आए थे। हादसे में देवेंद्र सिंकरवार (45) की मौत हो गई। उनका शव बरामद कर लिया गया है, जबकि 15 वर्षीय बेटे वंशू सिंकरवार की तलाश अभी जारी है। दोनों ग्वालियर के चंदनपुरा, बिरला नगर के निवासी बताए गए हैं।

टीकमगढ़ में बांध के 4 गेट खोले

टीकमगढ़ में रविवार दोपहर अचानक तेज बारिश शुरू हुई। सुबह से धूप के साथ बादल छाए हुए थे। दोपहर 2:45 बजे काले घने बादलों के साथ तेज बारिश शुरू हो गई। बारिश के बाद बान सुजारा बांध के 4 गेट खोल दिए गए। बांध से 280 घन मीटर प्रति सेकंड पानी छोड़ा जा रहा है। जिले में अब तक 35.5 इंच औसत बारिश दर्ज हो चुकी है।

बड़वानी में सबसे बड़ा तालाब ओवरफ्लो

बड़वानी जिले में भारी बारिश के अलर्ट के बीच सेंधवा में रविवार सुबह से रुक-रुककर तेज बारिश हो रही है। लगातार बारिश से नदी-नालों और तालाबों का जलस्तर फिर बढ़ गया है। सेंधवा ब्लॉक के रलावती में बना जिले का सबसे बड़ा तालाब लबालब भरकर ओवरफ्लो हो गया। इसके वेस्ट वेयर से पानी बहने लगा है। कमोदवाड़ा तालाब और डेब नदी का जलस्तर भी बढ़ रहा है। जलस्तर बढ़ने के चलते ओझर क्षेत्र में अलर्ट जारी किया गया है।

इन जिलों में भी तेज बारिश

शाजापुर के मक्सी, झाबुआ के पेटलावद, खरगोन के कसरावद और खंडवा में भी रविवार को तेज से मूसलधार बारिश हुई। हरदा के वन क्षेत्र में लाखादेह की पहाड़ी नदी उफान पर आ गई। वहीं रतलाम, धार, महू और ओंकारेश्वर में भी बारिश का दौर जारी रहा। शाजापुर जिले के मक्सी क्षेत्र के लसुड़लिया, सिरोलिया और कपालिया गांवों में रविवार दोपहर से मूसलधार बारिश हुई। तेज बारिश के कारण स्कूलों और पुल-पुलियों पर पानी बहने लगा। इससे ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी हुई। मक्सी की नई कॉलोनी तहसील के पास पुलिया निर्माण का काम चल रहा है। ठेकेदार द्वारा बनाए गए अस्थायी रोड पर बारिश का पानी भर गया। इससे वाहन चालकों को आवाजाही में काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।

झाबुआ के पेटलावद में रविवार को मूसलाधार बारिश हुई। तेज बारिश के बाद मौसम बदल गया और लोगों को गर्मी व उमस से राहत मिली। खंडवा में सुबह से रुक-रुककर तेज बारिश होती रही। इससे पहले शनिवार को भी बारिश हुई थी, जिसमें 5 मिलीमीटर पानी रिकॉर्ड किया गया था। रविवार को करीब 1 इंच बारिश होने की संभावना जताई गई। तीर्थ नगरी ओंकारेश्वर में भी हल्की फुहारों से बारिश शुरू हुई, बाद में बारिश तेज हो गई। सुबह मौसम साफ और नम था, लेकिन दोपहर में मौसम बदलने के साथ बारिश का दौर शुरू हो गया।

खरगोन जिले में पिछले 2 दिन से बारिश का दौर जारी है। दोपहर करीब 3 बजे कसरावद क्षेत्र में मूसलधार बारिश हुई। तेज बारिश के कारण कई जगह सड़कों पर पानी भर गया। बारिश के दौरान वाहन चालकों को हेडलाइट जलाकर आवाजाही करनी पड़ी। हरदा जिले के वन क्षेत्र में सुबह से हुई तेज बारिश के कारण नदियों में उफान आ गया। वनग्राम लाखादेह की पहाड़ी नदी उफान पर आने से दूसरे छोर पर आदिवासी ग्रामीण फंस गए। आवागमन के लिए ग्रामीणों को जोखिम उठाकर उफनती नदी पार करनी पड़ी। वन क्षेत्र में सुरक्षित रास्ते की सुविधा नहीं होने के कारण बारिश के दौरान ग्रामीणों के लिए जान जोखिम में डालकर नदी पार करना मजबूरी बनी हुई है।

रतलाम में सुबह तेज गर्मी रही। दिन में शहर के अलग-अलग हिस्सों में रुक-रुककर बारिश हुई और फिर थम गई। दोपहर करीब 4 बजे हवाओं के साथ एक बार फिर तेज बारिश शुरू हो गई। जिले में अब तक करीब 20 इंच बारिश हुई है, जबकि इस समय तक करीब 36 इंच बारिश का कोटा है। यानी रतलाम में अब तक सामान्य से करीब 16 इंच कम बारिश हुई है।

धार में करीब एक महीने के इंतजार के बाद बारिश का दौर फिर शुरू हुआ। शुक्रवार रात से शुरू हुई बारिश शनिवार को दिनभर रुक-रुककर होती रही। रविवार सुबह भी गरज-चमक के साथ बारिश जारी रही। बारिश से सूखने की कगार पर पहुंची सोयाबीन की फसल को राहत मिली है। किसानों ने बारिश के बाद राहत की सांस ली। शनिवार को धार शहर में 60.4 मिलीमीटर यानी 2.38 इंच बारिश दर्ज हुई। इस साल अब तक 24.82 इंच बारिश हो चुकी है, जो पिछले साल की 41.27 इंच बारिश के मुकाबले 16.45 इंच कम है। मौसम विभाग ने भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।

महू में कभी तेज तो कभी रुक-रुककर बारिश होती रही। बारिश से मौसम में ठंडक घुल गई और लोगों को गर्मी व उमस से राहत मिली। आसमान में बादल छाए रहे। कई इलाकों में हल्की रिमझिम बारिश हुई, जबकि कुछ समय के लिए बारिश तेज भी हुई। मौसम बदलने के कारण सड़कों पर आवाजाही के दौरान लोगों को बारिश का सामना करना पड़ा। हरदा में गरज-चमक के साथ करीब आधे घंटे तेज बारिश हुई। सुबह से बनी उमस से लोगों को राहत मिली। जिले में इस वर्ष अब तक पिछले साल की तुलना में करीब 300 मिलीमीटर कम बारिश हुई है।

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हिन्दुस्थान समाचार / उम्मेद सिंह रावत