मध्य प्रदेश में विदाई से पहले मानसून का जोर, रीवा-सतना समेत 7 जिलों में आज तेज बारिश का अलर्ट
- अब तक 35.6 इंच पानी गिरा, 3 डैम के गेट खुले
भोपाल, 27 सितम्बर (हि.स.)। मध्य प्रदेश में मानसून की विदाई से पहले बारिश का दौर एक बार फिर तेज हो गया है। जबलपुर, सागर, शहडोल और रीवा संभाग में पिछले 72 घंटे से लगातार बारिश हो रही है। नदी-नाले उफान पर हैं और पानी की आवक बढ़ने से बरगी, जोहिला और बिलगांव डैम के गेट खोलकर पानी की निकासी करनी पड़ी है। रविवार को प्रदेश के 7 जिलों मुरैना, भिंड, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, सतना और रीवा में तेज बारिश का अलर्ट है।
मौसम केंद्र के मुताबिक, प्रदेश में अब तक औसतन 35.6 इंच बारिश दर्ज की जा चुकी है। यह सामान्य बारिश के कोटे का 95 प्रतिशत से ज्यादा है। मानसूनी अवधि के बचे चार दिनों में भी बारिश का सिलसिला जारी रहा तो कुल बारिश का आंकड़ा और बढ़ सकता है। हालांकि प्रदेश में बारिश का वितरण अभी भी एक जैसा नहीं है। अब तक 25 जिलों में सामान्य बारिश का कोटा पूरा हो चुका है, जबकि 30 जिलों में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है।
रविवार को भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, आलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास और रतलाम में गरज-चमक के साथ बूंदाबांदी हो सकती है। इसके अलावा नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, दतिया, अशोकनगर, श्योपुर, जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, नरसिंहपुर, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, पांढुर्णा, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सागर, पन्ना और दमोह में भी बारिश होने का अनुमान है।
डिंडौरी और उमरिया में शनिवार को भी तेज बारिश का दौर जारी रहा। दोनों जिलों में पिछले तीन दिनों से लगातार बारिश होने के कारण नर्मदा और उसकी सहायक नदियों का जलस्तर बढ़ गया है। डिंडौरी में जोगी टिकरिया का पुल पानी में डूबा रहा। इससे जबलपुर-अमरकंटक नेशनल हाईवे-45 पर यातायात प्रभावित हुआ। शहपुरा स्थित बिलगांव बांध के दो गेट खोलकर पानी की निकासी करनी पड़ी। उमरिया में संजय गांधी ताप विद्युत केंद्र के जोहिला डैम के चार गेट दो-दो मीटर तक खोलकर पानी छोड़ा गया।
इसके अलावा जबलपुर के बरगी बांध में पानी की आवक लगातार बढ़ने के कारण जलस्तर को नियंत्रित करने के लिए शुक्रवार को पांच गेट खोले गए थे। इसके बाद भी बांध में पानी की आवक जारी रही। लिहाजा शनिवार को चार और गेट खोल दिए गए। इस तरह पानी की आवक और जलस्तर को नियंत्रित करने के लिए बरगी बांध के कुल नौ गेट खोले गए।
मौसम विभाग का कहना है कि गहरे अवदाब के प्रभाव से मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्से में भारी बारिश का दौर बना हुआ है। इसका असर अगले 24 घंटे तक और रहने की संभावना है। इसके बाद मौसम के साफ होने के आसार हैं। मध्य प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून की अवधि 1 जून से 30 सितंबर तक रहती है। ऐसे में मानसून की आधिकारिक विदाई में अब सिर्फ चार दिन बचे हैं। राजस्थान के कई जिलों से मानसून लौट चुका है, लेकिन मध्य प्रदेश में विदाई से पहले बारिश का दौर अभी सक्रिय है। अगले 24 घंटे में पूर्वी मध्य प्रदेश में बारिश का असर बने रहने के बाद मौसम में बदलाव आने की संभावना है।
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हिन्दुस्थान समाचार / उम्मेद सिंह रावत