अनूपपुर: सुरक्षित, सरल और प्रभावी उपचार की ओर बढ़ता भरोसा - डाँक्टर सुखदेव कारवाना
अनूपपुर, 10 अप्रैल (हि.स.)। मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले में शुक्रवार को विश्व होम्योपैथी दिवस के अवसर पर शासकीय होम्योपैथी औषधालय अनूपपुर में स्वास्थ्य शिविर का सफल आयोजन किया गया।
यह होम्योपैथी चिकित्सा पद्धति के जनक डॉ. सैमुअल हैनीमैन की जयंती के उपलक्ष्य में मनाया जाता है। कार्यक्रम के शुभारंभ में डॉ. हैनीमैन के चित्र पर दीप प्रज्वलित एवं माल्यार्पण कर किया गया, जिससे उपस्थित जनों ने उनके योगदान को श्रद्धापूर्वक स्मरण किया। कार्यक्रम में होम्योपैथी के महत्व और इसकी उपयोगिता पर विशेष प्रकाश डाला गया।
वक्ताओं ने बताया कि डॉ. हैनीमैन द्वारा प्रतिपादित “समरूपता के सिद्धांत” पर आधारित यह चिकित्सा पद्धति सुरक्षित, सरल एवं प्रभावी उपचार का माध्यम है, जो आज भी विश्वभर में व्यापक रूप से अपनाई जा रही है।
शिविर के उद्घाटन अवसर पर राष्ट्रीय श्रमजीवी पत्रकार परिषद के संभागीय अध्यक्ष चैतन्य मिश्रा, समाजसेवी विनोद सोनी, जिला तौहीद बाबा खान, औषधालय के डॉ. सुखदेव कारवना, होम्योपैथिक चिकित्सा अधिकारी एवं कंपाउंडर मिथिलेश उइके, दवासाज अशोक कुमार सिंह सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
स्वास्थ्य शिविर में बड़ी संख्या में मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया तथा उन्हें निःशुल्क होम्योपैथिक दवाइयों का वितरण किया गया। शिविर के माध्यम से आमजन को होम्योपैथिक चिकित्सा पद्धति के प्रति जागरूक करने का भी प्रयास किया गया।
अतिथियों ने अपने संबोधन में कहा कि होम्योपैथी न केवल किफायती उपचार प्रदान करती है, बल्कि इसके दुष्प्रभाव भी न्यूनतम होते हैं, जिससे यह जनस्वास्थ्य के लिए एक महत्वपूर्ण विकल्प बनती जा रही है।
इस अवसर पर औषधालय के डॉक्टर सुखदेव कारवना ने कहा कि होम्योपैथी चिकित्सा पद्धति शरीर की प्राकृतिक रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाकर जड़ से उपचार करने का कार्य करती है। यह पद्धति विशेष रूप से दीर्घकालिक बीमारियों में अत्यंत प्रभावी सिद्ध हो रही है और मरीजों को बिना किसी दुष्प्रभाव के राहत प्रदान करती है।
राष्ट्रीय श्रमजीवी पत्रकार परिषद के संभागीय अध्यक्ष चैतन्य मिश्रा ने कहा कि ऐसे स्वास्थ्य शिविर समाज के लिए अत्यंत उपयोगी हैं, जो न केवल उपचार प्रदान करते हैं बल्कि लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक भी करते हैं। उन्होंने कहा कि होम्योपैथी जैसी सरल और सुलभ चिकित्सा पद्धति का प्रचार-प्रसार आवश्यक है, ताकि अधिक से अधिक लोग इसका लाभ उठा सकें।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश शुक्ला