ग्वालियरः लोक अदालत के प्रचार-प्रसार के लिये वाहन रवाना, प्रधान जिला न्यायाधीश ने दिखाई हरी झंडी
- नेशनल लोक अदालत के प्रभावी आयोजन के लिये प्रधान जिला न्यायाधीश ने ली उच्च स्तरीय बैठक
ग्वालियर, 29 नवंबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिला न्यायालय में भी 13 दिसंबर को नेशनल लोक अदालत का आयोजन होगा। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण एवं राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में आयोजित होने जा रही इस नेशनल लोक अदालत की जिले में व्यापक स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं। इस सिलसिले में जिले भर में नेशनल लोक अदालत का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के लिये प्रधान जिला व सत्र न्यायाधीश एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ललित किशोर ने शनिवार को प्रचार रथों को जिला न्यायालय परिसर से हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया।
इस अवसर पर बताया गया कि यह प्रचार रथ ग्वालियर शहर सहित दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों तक नेशनल लोक अदालत के बारे में प्रचार-प्रसार करेंगे। मौजूदा साल की आखिरी नेशनल लोक अदालत की तैयारियों को लेकर प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ललित किशोर ने शनिवार को उच्चस्तरीय बैठक ली। जिला न्यायालय के सभाकक्ष में आयोजित हुई इस बैठक में लोक अदालत के सफल आयोजन के लिये आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। साथ ही इसकी कार्य योजना पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में प्रमुख रूप से प्रधान न्यायाधीश जिला न्यायालय ग्वालियर, कुटुंब न्यायालय एवं तहसील न्यायालय डबरा एवं भितरवार सहित समस्त न्यायाधीशगण उपस्थित रहे। नेशनल लोक अदालत का उद्देश्य नागरिकों को तेज, सरल और किफायती न्याय उपलब्ध कराना है। लोक अदालत में प्रकरणों का समाधान आपसी सहमति के आधार पर किया जाता है, तथा अंतिम निर्णय के विरुद्ध अपील का अधिकार नहीं होता, जिससे पक्षकारों को समय और धन की बचत होती है।
इस प्रकार के प्रकरणों का होगा निराकरण बैठक में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव श्री प्रियंक भारद्वाज ने बताया कि 13 दिसंबर को होने वाली नेशनल लोक अदालत में बड़ी संख्या में प्रकरणों का निराकरण किया जाएगा। इनमें लंबित राजीनामा योग्य आपराधिक प्रकरण, सिविल विवाद, मोटर दुर्घटना क्षतिपूर्ति (MACT) प्रकरण, वैवाहिक एवं पारिवारिक मामले, चेक अनादरण (NI Act), श्रम विवाद व विद्युत संबंधी प्रकरण शामिल हैं। इसके अलावा विभिन्न विभागों के प्री-लिटिगेशन प्रकरणों जैसे बैंक ऋण वसूली संबंधी विवाद, बीएसएनएल बकाया वसूली के मामले, नगर पालिका से जुड़े प्रकरण, परिवार परामर्श केंद्र के मामलों का समाधान भी लोक अदालत में आपसी सहमति तथा नियमानुसार दी जाने वाली छूट के आधार पर किया जाएगा।
हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर