हरदा: नई परिवहन नीति के खिलाफ पनप रहा बस संचालकों में आक्रोश
हरदा, 25 फरवरी (हि.स.)। नई परिवहन नीति को लेकर बस संचालकों का विरोध तेज होता जा रहा है। मध्यप्रदेश के हरदा जिले में स्टेज कैरिज बस संचालकों के लिए 24 दिसंबर 2025 को राजपत्र में प्रकाशित नई नीति के विरोध में हरदा बस एसोसिएशन ने 2 मार्च से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की चेतावनी दी है। यह निर्णय एसोसिएशन की बैठक में सर्वसम्मति से लिया गया।
बैठक में पदाधिकारियों ने कहा कि नई नीति से बस संचालन में कई व्यावहारिक समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं, जिनकी लगातार अनदेखी की जा रही है। एसोसिएशन ने अपनी तीन सूत्रीय मांगों का ज्ञापन मुख्यमंत्री, परिवहन मंत्री, मुख्य सचिव, परिवहन सचिव (मध्य प्रदेश मंत्रालय) तथा परिवहन आयुक्त भोपाल को भेजकर नीति में संशोधन की मांग की है। मांगें नहीं माने जाने पर 2 मार्च से अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू किया जाएगा।
बुधवार को बस एसोसिएशन के अध्यक्ष भूपेश पटेल ने बताया कि 29 जनवरी 2026 को राजपत्र में किए गए संशोधनों को पूर्णतः निरस्त किया जाए, ताकि बसों का संचालन पूर्व व्यवस्था के अनुरूप सुचारू रूप से जारी रह सके। उन्होंने कहा कि वर्तमान में लागू प्रावधानों से संचालकों पर अतिरिक्त दबाव बढ़ा है। उपाध्यक्ष राहुल पटेल ने भी शासन-प्रशासन को आंदोलन की रूपरेखा से अवगत करा दिया है।
वाहन फिटनेस को लेकर बढ़ी परेशानी
बस संचालकों ने वाहन फिटनेस की व्यवस्था पर भी नाराजगी जताई है। अध्यक्ष भूपेश पटेल और उपाध्यक्ष राहुल पटेल ने जिला कलेक्टर को आवेदन देकर बताया कि हरदा में फिटनेस सुविधा बंद होने से संचालकों को 100 से 150 किलोमीटर दूर जाना पड़ रहा है, जिससे समय और धन दोनों का नुकसान हो रहा है।
राहुल जायसवाल ने कहा कि जिन स्थानों पर फिटनेस सेंटर उपलब्ध नहीं हैं, वहां आरटीओ द्वारा फिटनेस प्रमाणन किया जा रहा है। इसी प्रकार हरदा में भी आरटीओ को अस्थायी रूप से फिटनेस प्रमाणन की अनुमति दी जाए, जब तक स्थानीय फिटनेस सेंटर शुरू नहीं हो जाता।
अब देखना होगा कि बस संचालकों की मांगों पर जिला प्रशासन क्या निर्णय लेता है और प्रस्तावित हड़ताल टल पाती है या नहीं।
हिन्दुस्थान समाचार / Pramod Somani