अनूपपुर: नर्मदा परिक्रमा वासियों को ग्राम पंचायत जारी करेंगी परिचय प्रमाण पत्र, ग्रापंताे को निर्देश जारी

 


अनूपपुर, 2 दिसंबर (हि.स.)। नर्मदा नदी को दैवीय जीवन दायिनी मां नर्मदा के रूप में जाना एवं पूजा जाता है तथा जीवन दायिनी मां नर्मदा की परिक्रमा प्रदेश एवं देश के अनेकों श्रद्धालुओं द्वारा प्रत्येक वर्ष नर्मदा उद्गम स्थल अमरकंटक से लेकर अरब सागर और वापस अमरकंटक तक की जाती है। जिसकी परिक्रमा लोग करते हैं। जिले के सभी ग्राम पंचायतो को नर्मदा परिक्रमा करने वाले परिक्रमा वासियो/ व्यक्तियों को प्रमाण पत्र जारी किए जाने के संबंध में जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने आवश्यक दिशा निर्देश जारी किए हैं।

ग्रामीण क्षेत्र के नर्मदा परिक्रमा वासियों के पास नर्मदा परिक्रमा वासी होने संबंधी उपयुक्त दस्तावेज न होने से परिक्रमा के रास्ते में आने वाले ग्राम अथवा ग्राम पंचायत में प्रवेश के दौरान परिक्रमा वासी अपनी पहचान को सिद्ध करने में सुविधाओं का सामना करते हैं जिसे दृष्टिगत रखते हुए राज्य शासन पंचायत राज संचालनालय मध्य प्रदेश द्वारा नर्मदा परिक्रमा करने वाले परिक्रमा वासी व्यक्तियों को ग्राम पंचायत द्वारा प्रमाण पत्र जारी किए जाने के संबंध में परिपत्र जारी कर आवश्यक दिशा निर्देश दिए हैं। राज्य शासन के आदेशानुसार जिले के सभी ग्राम पंचायतो को नर्मदा परिक्रमा करने वाले परिक्रमा वासियो/ व्यक्तियों को प्रमाण पत्र जारी किए जाने के संबंध में जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी अर्चना कुमारी ने मंगलवार को आवश्यक दिशा निर्देश जारी किए हैं।

जारी निर्देेश के अनुसार, नर्मदा परिक्रमावासियों को प्रमाण पत्र प्राप्त करने के लिए अपने ग्राम पंचायत में सादे कागज पर आवेदन प्रस्तुत करना होगा आवेदन के साथ दो फोटो व एक परिचय आईडी प्रदान करना होगा ग्राम पंचायत द्वारा आवेदन प्राप्त होते ही परिक्रमा वासियों को निर्धारित प्रारूप- 2 में प्रमाण पत्र जारी करेगी तथा निर्धारित प्रारूप तीन में पंजी का संधारण करेगी। ग्राम पंचायत द्वारा परिक्रमा वासियों को प्रमाण पत्र जारी करने से यह सुविधा होगी कि वह नर्मदा परिक्रमा के दौरान नर्मदा घाटी से लगे किसी भी ग्राम में सरलता से प्रवेश कर सकेंगे तथा रास्ते में आवश्यक होने पर नर्मदा परिक्रमावासी होने के प्रमाण स्वरूप ग्राम पंचायत द्वारा जारी प्रमाण पत्र दिखा सकेंगे स्थानीय पुलिस एवं प्रशासन द्वारा भी इस प्रमाण पत्र को नर्मदा परिक्रमा वासी की पहचान के रूप में मान्य किया जाएगा।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश शुक्ला