अपनी आय से बदली गांव की तस्वीर: रैसलपुर पंचायत बनी आत्मनिर्भर विकास का मॉडल
नर्मदापुरम, 04 जून (हि.स.)। मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम जिले की ग्राम पंचायत रैसलपुर ने ग्रामीण विकास की एक मिसाल पेश करते हुए आत्मनिर्भर पंचायत के रूप में अपनी अलग पहचान बनाई है। पंचायत ने विकास कार्यों के लिए केवल सरकारी अनुदान पर निर्भर रहने के बजाय स्वयं की आय और कर वसूली से प्राप्त धनराशि का उपयोग कर गांव में कई जनहितकारी निर्माण कार्य कराए हैं।
पंचायत द्वारा प्रभावी कर संग्रहण और ग्रामीणों की सहभागिता से जुटाई गई राशि से गांव में भव्य स्वागत द्वार का निर्माण कराया गया है। इसके साथ ही राहगीरों और ग्रामीणों की सुविधा के लिए आधुनिक विश्राम भवन भी तैयार किया गया है। पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से पंचायत क्षेत्र में बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण भी किया गया, जिससे गांव की हरियाली और सौंदर्य में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
ग्राम पंचायत की इस सफलता के पीछे सरपंच मालती झाल्या, सचिव सुरेंद्र सिंह चौहान तथा ग्राम रोजगार सहायक देवेंद्र केवट की सक्रिय भूमिका रही है। इनके नेतृत्व में पंचायत ने शत-प्रतिशत कर वसूली सुनिश्चित की और प्राप्त राशि का उपयोग पूरी पारदर्शिता के साथ विकास कार्यों में किया।
ग्रामीणों का कहना है कि जब कर से प्राप्त राशि का उपयोग गांव के विकास, सौंदर्यीकरण और सुविधाओं के विस्तार में दिखाई देता है, तो लोगों में भी समय पर कर जमा करने की जिम्मेदारी और जागरूकता बढ़ती है। यही कारण है कि पंचायत को कर संग्रहण में व्यापक जनसहयोग प्राप्त हुआ।
आज रैसलपुर पंचायत अपने संसाधनों से निर्मित स्वागत द्वार, विश्राम भवन और सैकड़ों पौधों के रोपण के कारण जिले की सुंदर और व्यवस्थित पंचायतों में गिनी जा रही है। स्थानीय संसाधनों के प्रभावी उपयोग और जनभागीदारी के बल पर विकास का यह मॉडल अन्य ग्राम पंचायतों के लिए भी प्रेरणा का केंद्र बनता जा रहा है।
हिन्दुस्थान समाचार / Atmaram Yadav