सशस्त्र सेना झंडा निधि में योगदान, राष्ट्र भक्ति की सशक्त अभिव्यक्ति : राज्यपाल पटेल

 




- राज्यपाल पटेल ने विशेष योगदानकर्ताओं के अभिनंदन समारोह को किया संबोधित

भोपाल, 21 अप्रैल (हि.स.) । मध्य प्रदेश के राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि करूणा और दया मानव का मूल स्वभाव है। दान अंतर्रात्मा की आवाज है। यह आत्मीय भाव से की गयी सहयोग की पहल है। इस भावना को जरूरतमंदों की सेवा में लगाने में ही जीवन की सार्थकता है।

राज्यपाल पटेल मंगलवार को समामेलित विशेष निधि प्रबंध समिति की बैठक उपरांत लोकभवन में आयोजित सशस्त्र सेना झंडा निधि में विशेष योगदान देने वालों के अभिनंदन समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सशस्त्र सेना झंडा कोष में उदार योगदान हमारे सैनिकों और उनके परिवारों का केवल आर्थिक सहयोग नहीं, बल्कि राष्ट्रभक्ति की सशक्त अभिव्यक्ति है। झंडा निधि में सहयोग राष्ट्र सेवा में समर्पित वीरों के प्रति हमारे कर्तव्य पालन का अवसर है। राज्यपाल पटेल ने प्रदेशवासियों का आहवान किया कि सैनिक कल्याण के लिए अपनी क्षमता के अनुसार अधिक से अधिक दान दें। साथ ही अन्य लोगों को भी प्रेरित करें।

उन्होंने लक्ष्य से अधिक राशि संग्रहण के लिए संभागायुक्त जबलपुर धनंजय सिंह भदौरिया, हरदा कलेक्टर सिद्धार्थ जैन, अलीराजपुर कलेक्टर नीतू माथुर, नीमच कलेक्टर हिमांशु चंद्रा और दानदाताओं को प्रशस्ति पत्र एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव गृह के.सी. गुप्ता, राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी, सचिव गृह विभाग शिल्पा गुप्ता, जी.ओ.सी. मध्यप्रदेश मेजर जनरल संजय गौतम, ब्रिगेडियर शरद नायर और विकास बत्रा सहित सैनिक कल्याण बोर्ड मध्यप्रदेश के पदाधिकारी, प्रबंध समिति के सदस्य मौजूद थे।

लक्ष्यों से अधिक राशि संकलन पर दी बधाई

राज्यपाल पटेल ने अभिनंदन समारोह में निर्धारित लक्ष्यों से अधिक राशि एकत्र करने वाले जिलों की सराहना की। सैनिक कल्याण प्रयासों में सहभागी सभी उपक्रमों, संगठनों और व्यक्तिगत दानदाताओं का आभार भी जताया। राष्ट्रीय सम्मेलन में विगत वर्ष सशस्त्र बलों के पूर्व सैनिकों के कल्याण के लिये उत्कृष्ट योगदान के लिए मध्यप्रदेश को सम्मानित किए जाने की बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि केवल प्रशासनिक दक्षता का परिचायक नहीं, बल्कि हमारे समाज की जागरूकता, संवेदनशीलता और देशभक्ति का प्रतीक है। इसके लिए सभी संभाग आयुक्तों, कलेक्टरों तथा प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई दी और आशा जताई कि यह प्रयास निरंतर आगे भी जारी रहेंगे।

राज्यपाल पटेल ने कहा कि हमारी शांति और सुरक्षा के लिए परिवार से दूर रहकर राष्ट्र धर्म का पालन करने वाले वीर सैनिकों के त्याग और बलिदान के प्रति आभारी होना हमारा सर्वोच्च मानवीय धर्म है। राष्ट्र की सीमाओं पर जब कोई सैनिक अपने प्राणों की बाज़ी लगाता है, तब वह केवल देश की रक्षा नहीं करता, बल्कि हमारे सुरक्षित वर्तमान और भविष्य की नींव को अपने रक्त से मजबूत बनाता है। उनके त्याग और बलिदान का स्मरण करते हुए उनके लिए वास्तविक सहयोग के प्रयासों में सक्रिय सहभागी बनना होगा। हमारा कर्तव्य है कि देश के इन प्रहरी सैनिकों और उनके परिवारों के प्रति अपनी जिम्मेदारी को समझें और उसे निभाएँ।

राज्यपाल पटेल का समारोह में पुष्प-गुच्छ भेंटकर स्वागत किया तथा स्मृति चिन्ह भी भेंट किया गया। दानदाताओं ने अपने अनुभव साझा किए। स्वागत उद्बोधन और आभार ब्रिगेडियर अरूण नायर ने व्यक्त किए।

कार्यों की गुणवत्ता पर दें विशेष बल : राज्यपाल

राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने अभिनंदन समारोह से पूर्व समामेलित विशेष निधि प्रबंध समिति की 25वीं वार्षिक बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने प्रदेश में सैनिक कल्याण प्रयासों के संबंध में विस्तार से जानकारी प्राप्त की। निर्माणाधीन कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष बल देते हुए समय सीमा में निर्माण कार्य को पूरा करने पर विशेष बल दिया।

राज्यपाल पटेल के समक्ष बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 के विभिन्न व्यय प्रस्तावों की चर्चा की गई। बैठक में विगत वर्ष का पालन प्रतिवेदन, ऑडिट रिपोर्ट, व्यय प्रस्ताव सहित विभिन्न विषयों की विस्तार से समीक्षा की गई। विगत पॉच वर्षों के आय के स्त्रोत, अनुदान, सावधि जमा की ब्याज राशि आदि विभिन्न बिन्दुओं की जानकारी दी गई।

25 दानदाताओं ने किया लगभग 60 लाख का दान

समारोह में बताया गया कि लक्ष्य से अधिक राशि संग्रहित करने वाले संभाग में प्रथम जबलपुर संभाग, द्वितीय उज्जैन संभाग और तृतीय स्थान शहडोल संभाग को प्राप्त हुआ है। प्रदेश के 43 जिलों ने लक्ष्य से अधिक राशि संग्रहित की है।

राज्यपाल पटेल ने इस अवसर पर वर्ष 2024-25 में स्वेच्छा से 1 लाख रूपए से अधिक की राशि का दान करने वाले दान-दाताओं का अभिनंदन किया। सम्मानित दान-दाताओं में अध्यक्ष, मध्यप्रदेश भूतपूर्व सैनिक कलयाण समिति, भोपाल द्वारा 15 लाख, आदित्य पटेल एवं वीरेन्द्र विश्वकर्मा विनर्स इन्सटीट्यूट इंदौर द्वारा 12 लाख 44 हजार 818, वल्लभ भाई पटेल एवं नवनीत पटेल, पटेल मोटर्स, इंदौर द्वारा 3 लाख 2 हजार, मनीष मठवाल एवं रवीन्द्र सिंह रावत, मुख्य कार्यालय, भारतीय स्टेट बैंक, भोपाल द्वारा 2 लाख 26 हजार 400, सूबेदार अमरजीत सिंह (से.नि.), सागर कैंट द्वारा 2 लाख, नरेन्द अहिरवार एवं डॉ. विकास मिश्रा जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय, भोपाल द्वारा 1 लाख 92 हजार 355, कुन्दन कुमार, क्षेत्रीय प्रमुख, क्षेत्रीय कार्यालय, सेन्ट्रल बैंक ऑफ इंडिया सागर द्वारा 1 लाख 55 हजार 905, डॉ. नरेन्द्र कुमार ओझा एवं डॉ. राजेश कुमार दीक्षित सेवानिवृत्त प्राध्यापक मंच इंदौर द्वारा 1 लाख 50 हजार, राम कुमार गुप्ता एवं 1 अन्य जिला पंजीयक भोपाल द्वारा 1 लाख 48 हजार 610, मनीश कुमार मंग्रेलिया प्रबंध निदेशक, लेजरकट टेक्नालॉजी प्र.लि. भोपाल द्वारा 1 लाख 21 हजार, चतुर सिंह यादव एवं सुनीता यादव निदेशक, वन आदर्श विद्या निकेतन उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, इंदौर द्वारा 1 लाख 11 हजार, विभू सूरी, यूनिक एडवरटाइजिंग रीवा द्वारा 1 लाख 11 हजार, अनन्त कुमार सोनी एवं साधना सोनी प्रतिकुलाधिपति, ए.के.एस. विश्वविद्यालय सतना द्वारा 1 लाख 11 हजार, राकेश अग्रवाल आर के डेवलेपर्स, उज्जैन द्वारा 1 लाख 11 हजार, वीरेन्द्र सिंह धाकड़ एवं ब्रिजेश कुमार सिंह आबकारी विभाग, भोपाल द्वारा 1 लाख 10 हजार, डॉ. राकेश अग्रवाल एवं डॉ. आलोक खन्ना इन्डियन मेडिकल एसोसिएशन म.प्र. सतना शाखा, सतना द्वारा 1 लाख 10 हजार, डॉ. सुमित अग्रवाल एवं डॉ. प्राप्ति गुप्ता अग्रवाल सार्थक अस्पताल, सतना द्वारा 1 लाख 5 हजार, सुनील कुमार सिंह, क्षेत्रीय प्रबंधक, क्षेत्रीय कार्यालय, भारतीय स्टेट बैंक, सागर 1 लाख 1 हजार 100, रश्मि एम अग्रवाल, आर.के. डेवलेपर्स, उज्जैन द्वारा 1 लाख 1 हजार, आकांक्षा चन्द्रकान्त बर्गे, उज्जैन द्वारा 1 लाख 1 हजार, राजीव तिवारी एवं समृद्धि तिवारी, छिंदवाड़ा द्वारा 1 लाख, वरिष्ठ महाप्रबंधक, दिलीप बिल्डकॉन लिमिटेड, रीवा द्वारा 1 लाख, सुनील सिंह, बद्रिका मोटर्स प्राईवेट लिमिटेड, रीवा द्वारा 1 लाख, गुरमीत सिंह साहनी, राजपूत गन सर्विस रीवा द्वारा 1 लाख और शिरीष चन्देकर एवं रोहित यादव, भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड, बीना रिफाइनरी, सागर द्वारा 1 लाख शामिल है।

हिन्दुस्थान समाचार / उम्मेद सिंह रावत