दीक्षांत समारोह: राज्यपाल और मुख्यमंत्री शामिल, सिंहस्थ-2028 के लिए 662 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात

 


उज्जैन , 17 मार्च (हि.स.)। मप्र के उज्जैन स्थित सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय में आयोजित 30वें दीक्षांत समारोह में प्रदेश के मंगूभाई पटेल और डॉ. मोहन यादव मंगलवार को शामिल हुए। इस अवसर पर जहां विद्यार्थियों को उपाधियां और स्वर्ण पदक प्रदान किए गए, वहीं मुख्यमंत्री ने सिंहस्थ-2028 को ध्यान में रखते हुए 662 करोड़ 46 लाख रुपये के विकास कार्यों की बड़ी सौगात भी दी।

विश्वविद्यालय के स्वर्ण जयंती सभागृह में आयोजित इस गरिमामय समारोह में कुल 74 विद्यार्थियों को उपाधि, 107 विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक तथा एक विद्यार्थी को डी-लिट् की उपाधि प्रदान की गई। कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल मंगूभाई पटेल ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि दीक्षांत केवल शैक्षणिक उपलब्धि नहीं, बल्कि जिम्मेदारी का प्रतीक है। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे शिक्षा को केवल प्रमाण पत्र तक सीमित न रखें, बल्कि समाज और देश की उन्नति में सक्रिय योगदान दें।

वहीं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने संबोधन में कहा कि दीक्षांत समारोह शिक्षा का अंत नहीं, बल्कि जीवन में नई सीख की शुरुआत है। उन्होंने इसे जीवन का महत्वपूर्ण मोड़ बताते हुए विश्वास जताया कि विश्वविद्यालय के विद्यार्थी भविष्य में देश और प्रदेश के समग्र विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे और अपने कर्तव्यों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करते हुए समाज का गौरव बढ़ाएंगे।

मुख्यमंत्री ने सिंहस्थ-2028 की तैयारियों को लेकर भी महत्वपूर्ण घोषणा की। उन्होंने कहा कि उज्जैन आने वाला हर नागरिक राज्य का अतिथि होगा और सरकार उसे बेहतर से बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। इसी क्रम में उन्होंने 662 करोड़ रुपये से अधिक लागत के विभिन्न विकास कार्यों की सौगात दी, जिससे आगामी सिंहस्थ मेले को भव्य और सुव्यवस्थित बनाया जा सके।

इसके अलावा मुख्यमंत्री ने विश्वविद्यालय के विकास के लिए भी कई घोषणाएं कीं। उन्होंने विभिन्न यंत्रों की खरीदी के लिए 51 लाख रुपये, कृषि अध्ययनशाला के लिए पांच ड्रोन तथा विद्यार्थियों के शैक्षणिक भ्रमण हेतु एक बस उपलब्ध कराने की घोषणा की।

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हिन्दुस्थान समाचार / ललित ज्‍वेल