राजगढ़ः गोवर्धन लीला, कालिया नाग मर्दन और माखन चोरी के प्रसंगों से गूंजा कथा पंडाल

 


राजगढ़, 03 जून (हि.स.)। मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले के सुठालिया तहसील के ग्राम बाल्यापुरा में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के पंचम दिवस बुधवार को कथावाचक पं.द्वारकाजी महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव, बाल लीलाओं, गोवर्धन पूजा, कालिया नाग मर्दन और माखन चोरी के प्रसंगों का भावपूर्ण वर्णन किया गया। कथा में उपस्थित श्रद्धालु भगवान की अलौकिक लीलाओं का श्रवण कर भक्ति और श्रद्धा में सराबोर हो गए।

कथावाचक ने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के पश्चात वासुदेव जी उन्हें यमुना पार कर गोकुल लेकर पहुंचे, जहां नंद बाबा और यशोदा मैया के घर भगवान का प्राकट्य हुआ। इसके बाद बाल्यकाल की लीलाओं का वर्णन करते हुए माखन चोरी, गोपियों के साथ प्रेमपूर्ण नोंक-झोंक और यशोदा मैया द्वारा ऊखल से बांधने की लीला का विस्तार से वर्णन किया गया। कथा में पूतना, तृणावर्त और बकासुर जैसे राक्षसों के वध का प्रसंग सुनाते हुए बताया गया कि अहंकार, अन्याय और बुराई का अंत निश्चित है। वहीं गोवर्धन पूजा के प्रसंग में भगवान श्रीकृष्ण द्वारा ब्रजवासियों को प्रकृति और गोवर्धन पर्वत की महत्ता समझाने का संदेश दिया गया।

कालिया नाग मर्दन की कथा में बताया गया कि भगवान ने यमुना के विषैले जल को शुद्ध कर जनकल्याण का मार्ग प्रशस्त किया। कथावाचक ने कहा कि अहंकार चाहे कितना भी प्रबल क्यों न हो, प्रभु की शरण में आने पर उसका नाश हो जाता है। माखन चोरी की लीला का आध्यात्मिक अर्थ बताते हुए कहा गया कि माखन शुद्ध प्रेम और निर्मल मन का प्रतीक है।कथा के दौरान श्रद्धालुओं ने जय श्रीकृष्ण के जयघोष के साथ धर्म और भक्ति का संदेश ग्रहण किया। कथा के मध्य में जिला पंचायत अध्यक्ष चंदरसिंह सौंधिया कथास्थल पर पहुंचे और उन्होंने गिरराजधरण की पूजा- अर्चना कर कथा का श्रवण किया। कथा का समापन 5 जून षुक्रवार को पूर्णाहुति और महाप्रसादी के आयोजन के साथ होगा।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / मनोज पाठक