सागर: जी राम जी योजना से बदलेगी गांवों की तस्वीर, जैसीनगर में जिला पंचायत अध्यक्ष हीरा सिंह ने किया शुभारंभ
सागर, 02 जुलाई (हि.स.)। केन्द्र सरकार की नई और महत्वाकांक्षी 'जी राम जी योजना' का गुरुवार को शुभारंभ हो गया। सागर जिले में सुरखी विधानसभा क्षेत्र के जैसीनगर में गरिमामय और भव्य शुभारंभ किया गया।
इस विशेष अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष हीरा सिंह राजपूत ने स्थानीय जनसमुदाय को संबोधित करते हुए योजना के दूरगामी प्रभावों की विस्तृत जानकारी दी। कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों ने केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के संबोधन का लाइव प्रसारण भी देखा और क्षेत्र के विकास पर चर्चा की।
हीरा सिंह राजपूत ने इस योजना को ग्रामीण विकास, रोजगार सृजन और जनभागीदारी के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक और क्रांतिकारी पहल बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'आत्मनिर्भर भारत' व 'विकसित भारत' के संकल्प को साकार करने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार गांवों के सर्वांगीण विकास को प्राथमिकता दे रही है।
ग्राम सभा तय करेगी प्राथमिकताएं: अब ऊपर से नहीं थोपे जाएंगे फैसले
योजना की मुख्य विशेषता पर प्रकाश डालते हुए जिला पंचायत अध्यक्ष ने कहा कि 'जी राम जी योजना' के तहत अब विकास के निर्णय ऊपर से नहीं थोपे जाएंगे। इसके विपरीत, गांवों का विकास अब सीधे ग्राम सभा की सहमति और ग्रामीणों की जमीनी आवश्यकताओं के आधार पर होगा।
गांव के लोग खुद बैठकर यह तय करेंगे कि उनके क्षेत्र में पहले सड़क, नाली, तालाब, सामुदायिक भवन, खेल मैदान, जल संरक्षण या वृक्षारोपण में से किस कार्य की सबसे ज्यादा जरूरत है। ग्रामीणों के प्रस्ताव के आधार पर ही विकास कार्यों को हरी झंडी मिलेगी।
— हीरा सिंह राजपूत, जिला पंचायत अध्यक्ष
अतीत की व्यवस्थाओं का जिक्र करते हुए हीरा सिंह राजपूत ने कहा कि पूर्व में मनरेगा (MNREGA) के क्रियान्वयन में कई व्यावहारिक और तकनीकी दिक्कतें सामने आती थीं। कई बार लंबी प्रक्रियाओं के कारण काम समय पर शुरू नहीं हो पाते थे और वास्तविक आवश्यकताओं की अनदेखी हो जाती थी। 'जी राम जी योजना' इन सभी कमियों और चुनौतियों को दूर करने का काम करेगी। इससे ग्राम स्तर पर जनभागीदारी मजबूत होगी और हर निर्माण कार्य में पारदर्शिता आएगी।
यह योजना न केवल बुनियादी ढांचे को सुधारेगी, बल्कि ग्रामीण इलाकों में रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगी। गांवों में स्थानीय स्तर पर बड़े पैमाने पर निर्माण कार्य होने से मजदूरों को अपने घर के पास ही काम मिलेगा, जिससे शहरी पलायन में भारी कमी आएगी। जल संरक्षण और पर्यावरण सुधार के कार्यों से कृषि क्षेत्र मजबूत होगा, जिससे अंततः ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी।
कार्यक्रम के दौरान क्षेत्र के विकास में स्थानीय जनप्रतिनिधियों के योगदान को भी सराहा गया। हीरा सिंह राजपूत ने बताया कि सुरखी के विधायक और प्रदेश के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत लगातार क्षेत्र की बुनियादी सुविधाओं (सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल और सिंचाई) को सुदृढ़ करने में जुटे हैं। 'जी राम जी योजना' के आने से सुरखी विधानसभा की इस विकास यात्रा को और अधिक गति मिलेगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / मनीष कुमार चौबे