अनूपपुर में हाथियों की दस्तक, छत्तीसगढ़ से आया चौथा हाथी; वन विभाग अलर्ट
अनूपपुर, 02 मार्च (हि.स.)। मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले में हाथियों की गतिविधियां लगातार बढ़ रही हैं। जैतहरी वन परिक्षेत्र में रविवार-सोमवार की रात छत्तीसगढ़ की मरवाही वन सीमा से एक और हाथी के प्रवेश के बाद जिले में हाथियों की संख्या बढ़कर चार हो गई है। सभी हाथी फिलहाल धनगवां के जंगलों में डेरा डाले हुए हैं, जिससे ग्रामीणों की चिंता और बढ़ गई है।
वन विभाग के अनुसार, हाथियों का यह दल पिछले करीब 70 दिनों से धनगवां जंगल के आरएफ 337 और 338 क्षेत्र में सक्रिय है। घना जंगल, पर्याप्त जलस्रोत और भोजन की उपलब्धता के कारण हाथी बार-बार इसी इलाके में लौट रहे हैं। रविवार रात तीन हाथी कुकुरगोंड़ा के बेल्हाटोला गांव में फसल की ओर बढ़े थे, जिन्हें ग्रामीणों ने सतर्कता दिखाते हुए हुडरीडुगरी जंगल की दिशा में खदेड़ दिया।
गौरतलब है कि इससे पहले हाथियों के हमलों में तीन लोगों की जान जा चुकी है और कई किसानों की फसलें बर्बाद हुई हैं। हालात को देखते हुए पूरा क्षेत्र हाई अलर्ट पर रखा गया है।
जैतहरी वन परिक्षेत्र अधिकारी विवेक मिश्रा ने बताया कि सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। बांधवगढ़ (उमरिया) से आए हाथी विशेषज्ञों की टीम ने प्रभावित गांवों का निरीक्षण किया है। ग्रामीणों को प्रोजेक्टर के माध्यम से जागरूक किया जा रहा है और ‘क्या करें, क्या न करें’ संबंधी निर्देश पंपलेट व दीवार लेखन के जरिए प्रसारित किए गए हैं।
वन विभाग ने आपात स्थिति के लिए अधिकारियों के मोबाइल नंबर हेल्पलाइन के रूप में जारी किए हैं। जंगल से सटे पांच किलोमीटर के दायरे के गांवों में मुनादी कराई गई है कि हाथी दिखने पर तुरंत सूचना दें और अकेले जंगल की ओर न जाएं।
इस बीच किसान अपनी फसलों की सुरक्षा के लिए रातभर पहरा देने को मजबूर हैं। हाथियों की बढ़ती संख्या प्रशासन और स्थानीय निवासियों के लिए बड़ी चुनौती बनती जा रही है।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश शुक्ला