अनूपपुर: फ्लाईओवर को मिली रफ्तार, जमीन विवाद सुलझा; अब 31 दिसंबर तक पूरा होगा निर्माण

 




अनूपपुर, 29 जुलाई (हि.स.)। मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिला मुख्यालय में निर्माणाधीन फ्लाईओवर से जुड़ा वर्षों पुराना जमीन विवाद आखिरकार सुलझ गया है। रेलवे और वन विभाग के बीच लंबे समय से लंबित इस मामले के समाधान के बाद अब निर्माण कार्य में तेजी आने की उम्मीद है।

हालांकि, सांसद हिमाद्री सिंह ने दीपावली तक फ्लाईओवर चालू होने की की बात कहीं थी, लेकिन अब अधिकारियों ने इसकी नई समयसीमा 31 दिसंबर तय की है।

सेतु निगम की मुख्य अभियंता सरस्वती त्रिपाठी ने बुधवार को बताया कि फ्लाईओवर का निर्माण दीपावली तक पूरा होना संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि रेलवे से जमीन आवंटन में हुई देरी के कारण परियोजना करीब तीन वर्ष पीछे चली गई। अब वन विभाग की दीवार हटाने और रेलवे द्वारा चिन्हित मकानों को हटाने की सहमति मिलने के बाद सभी प्रमुख बाधाएं दूर हो गई हैं। जमीन उपलब्ध होने से रिटेनिंग वॉल और सर्विस रोड का निर्माण तेजी से किया जाएगा। बारिश के बावजूद निर्माण कार्य लगातार जारी है।

गौरतलब है कि अनूपपुर जिला मुख्यालय में रेलवे फाटक की समस्या से लोगों को राहत दिलाने के उद्देश्य से लगभग आठ वर्ष पहले इस फ्लाईओवर का निर्माण शुरू किया गया था। उस समय परियोजना की लागत करीब ₹12 करोड़ और निर्माण अवधि 18 महीने निर्धारित की गई थी। लेकिन लगातार विलंब के कारण अब इसकी लागत बढ़कर लगभग ₹20 करोड़ पहुंच चुकी है।

वर्तमान में जिला चिकित्सालय की ओर लगभग 118 मीटर रिटेनिंग वॉल का निर्माण शेष है, जबकि कोतवाली तिराहे की ओर 130 मीटर दीवार बनने के बाद उसमें मिट्टी भराई और ढलाई का कार्य अभी पूरा नहीं हुआ है।

अंडरब्रिज के सहारे आवाजाही, लोगों की बढ़ी परेशानी

फ्लाईओवर का निर्माण अधूरा रहने का सबसे अधिक खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। रेलवे लाइन के एक तरफ से दूसरी तरफ जाने के लिए लोगों को अंडरब्रिज वाले रास्ते का सहारा लेना पड़ रहा है, जिससे हर बार करीब दो से तीन किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ती है। इसका सबसे ज्यादा असर मरीजों, विद्यार्थियों और रोजाना आवागमन करने वाले लोगों पर पड़ रहा है, जिन्हें रोजाना अनावश्यक चक्कर लगाना पड़ रहा है।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश शुक्ला