हरदा में बेपटरी यात्री बसों का संचालन, फिटनेस से लेकर टिकट व्यवस्था तक सवालों के घेरे में

 


हरदा, 10 सितंबर (हि.स.)। मध्‍य प्रदेश के हरदा जिले में यात्री बसों के संचालन को लेकर लगातार सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय यात्रियों और नागरिकों का आरोप है कि कई बसें पर्याप्त रखरखाव और जरूरी सुरक्षा मानकों के बिना सड़कों पर संचालित हो रही हैं। कुछ बसों के टायर, ब्रेक, लाइट सहित अन्य सुरक्षा उपकरणों की स्थिति यात्रियों की सुरक्षा के लिहाज से चिंता का विषय बताई जा रही है।

यात्रियों का कहना है कि बसों को निर्धारित बस स्टैंड से संचालित करने के बजाय रास्ते में जगह-जगह रोककर सवारी बैठाई और उतारी जाती है। इससे सड़क पर यातायात प्रभावित होने के साथ दुर्घटना की आशंका भी बनी रहती है। बस स्टैंड होने के बावजूद विभिन्न स्थानों पर बसों के रुकने से कई बार जाम की स्थिति निर्मित होने की शिकायत भी सामने आ रही है।

स्थानीय लोगों के अनुसार बसों की नियमित फिटनेस जांच और भौतिक सत्यापन की जिम्मेदारी संबंधित विभाग की है। इसके बावजूद कुछ वाहनों की स्थिति देखकर विभागीय निगरानी पर सवाल उठ रहे हैं। जिला मुख्यालय के साथ आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों और अंतर-जिला मार्गों पर संचालित निजी यात्री बसों में व्यवस्थाएं नियमों के अनुरूप नहीं होने की शिकायतें सामने आ रही हैं।

यात्रियों का आरोप है कि कुछ बस संचालकों द्वारा परिवहन विभाग के नियमों का पालन नहीं किया जा रहा है। बसों में निर्धारित सुविधाओं और यात्रियों को मिलने वाली रियायतों को लेकर भी शिकायतें हैं। महिलाओं, बुजुर्गों और दिव्यांग यात्रियों को विशेष रूप से परेशानी होने की बात कही जा रही है।

हरदा से इंदौर, भोपाल, खंडवा, होशंगाबाद सहित विभिन्न ग्रामीण और अंतर-जिला मार्गों पर चलने वाली निजी बसों के संबंध में यात्रियों ने शिकायत की है कि पात्र यात्रियों को रियायत देने में आनाकानी की जाती है। कुछ यात्रियों का यह भी आरोप है कि नियमों के तहत सुविधा मांगने पर बस स्टाफ के साथ विवाद की स्थिति बन जाती है।

यात्रियों का आरोप है कि कई बसों में चालक और परिचालक निर्धारित वर्दी में नजर नहीं आते। सामान्य कपड़ों में रहने के कारण यात्रियों के लिए बस के अधिकृत स्टाफ की पहचान करना मुश्किल होता है।

यात्रियों का कहना है कि टिकट पर यात्रा से संबंधित आवश्यक विवरण स्पष्ट रूप से दर्ज होना चाहिए, ताकि किसी विवाद, दुर्घटना या सामान संबंधी समस्या की स्थिति में यात्रा का प्रमाण उपलब्ध रहे। इस मामले में भी परिवहन विभाग से जांच की मांग की गई है।

यात्रियों के अनुसार कुछ बसों में प्राथमिक चिकित्सा किट, अग्निशमन यंत्र और अन्य जरूरी सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता एवं उनकी स्थिति की जांच की आवश्यकता है। यात्रियों ने मांग की है कि बसों की फिटनेस के साथ-साथ आपातकालीन सुरक्षा उपकरणों की भी मौके पर जांच की जाए।

स्थानीय नागरिकों और नियमित यात्रियों का कहना है कि बसों की नियमित और प्रभावी जांच होने से नियमों के उल्लंघन पर अंकुश लगाया जा सकता है। यात्रियों ने बस स्टैंड सहित प्रमुख मार्गों पर अचानक जांच अभियान चलाने की मांग की है।

उनका कहना है कि यदि परिवहन विभाग द्वारा नियमित सरप्राइज चेकिंग की जाए तो बसों की फिटनेस, टिकट, चालक-परिचालक की वर्दी, सुरक्षा उपकरण और निर्धारित स्टॉपेज सहित विभिन्न नियमों की वास्तविक स्थिति सामने आ सकती है।

इस संबंध में हरदा के आरटीओ राकेश कुमार अहाके का कहना है कि मामला संज्ञान में लाया गया है। उन्होंने कहा, “इस संबंध में समय-समय पर कार्रवाई की जाती है और वर्तमान में भी कार्रवाई की जा रही है।”

हिन्दुस्थान समाचार / Pramod Somani