उज्जैन में फिल्म फेस्टिवल ऑफ एंशिएंट स्प्लेंडर प्रारंभ
उज्जैन, 13 मार्च (हि.स.)। मध्य प्रदेश के उज्जैन विक्रम उत्सव-2026 अंतर्गत कालिदास अकादमी के अभिरंग सभागार में 17 मार्च तक आयोजित “इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ एंशिएंट स्प्लेंडर (प्राचीन वैभव का अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव)” का शुभारंभ शुक्रवार को हुआ।
महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ के निदेशक श्रीराम तिवारी ने विक्रमादित्य के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलित कर फिल्म महोत्सव का शुभारभ किया। महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ एवं संस्कृति विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव में भारत सहित विश्व के विभिन्न देशों की सांस्कृतिक, पौराणिक और ऐतिहासिक विषयों पर आधारित फिल्मों का प्रदर्शन किया जा रहा है। पांच दिवसीय यह महोत्सव प्रतिदिन सुबह 11 बजे से शाम 7 बजे तक आयोजित होगा।
महोत्सव के पहले दिन शुक्रवार को विभिन्न श्रेणियों की फिल्मों का प्रदर्शन किया गया। हिंदी फीचर फिल्मों में जय महादेव (1995), भारत मिलाप (1942), वामन अवतार (1955), राजा हरिश्चंद्र (1913) और माया मच्छिंद्र (1960) का प्रदर्शन हुआ। वहीं अन्य भारतीय भाषाओं की फिल्मों में भगवान श्री कृष्ण (गुजराती), भट्टी विक्रमर्क (तेलुगु), मीरा रो गिरधर (राजस्थानी), कृष्ण विजयम (तमिल) और राधा कृष्णो (बंगाली) प्रदर्शित की गईं।
साथ ही वृत्तचित्रों की श्रेणी में 84 महादेव (उज्जैन के गुप्त शिव मंदिर), म्यसोन (वियतनाम का शिव मंदिर परिसर) तथा विक्रम या अयोध्या (सम्राट विक्रमादित्य का संबंध) का प्रदर्शन किया गया। विदेशी फीचर फिल्मों में डेडिकादा अ मी एक्स (इक्वाडोर), जे – द स्कार मार्क्ड हर बिगिनिंग (जर्मनी), तुर्बा (वेनेजुएला), वन वीक एंड अ डे (इजराइल) तथा ऑपरेशन ओरियन (वेनेजुएला) दर्शकों को दिखाई गईं। इसके अतिरिक्त सबमिशन श्रेणी में मेन भारत और डिजिटल फास्टिंग फिल्मों का भी प्रदर्शन किया गया।
आज इन फिल्मों का होगा प्रदर्शन
इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ एंशिएंट स्प्लेंडर के दूसरे दिन शनिवार को भी विभिन्न श्रेणियों की फिल्मों का प्रदर्शन किया जाएगा। हिंदी फीचर फिल्मों की श्रेणी में महाभारत (1965), महा विष्णु (1974), हर हर महादेव (1974), राम राज्य (1943) और बलराम श्रीकृष्ण (1978) प्रदर्शित की जाएंगी। इसके साथ ही अन्य भारतीय भाषाओं की फिल्मों में बलराम श्री कृष्ण (गुजराती), विक्रम थुई थान कांडा (तमिल), श्री कृष्ण गरुंडी (कन्नड़), श्री कृष्ण अवतारम (तेलुगु) और श्री कृष्ण परुन्थु (मलयालम) का प्रदर्शन होगा। वृत्तचित्रों की श्रेणी में द्वादश ज्योतिर्लिंग, वाट फोउ (लाओस) और सांदीपनि आश्रम पर आधारित डॉक्यूमेंट्री दिखाई जाएंगी। वहीं विदेशी फीचर फिल्मों में मिसफिट एरे ओ ते हसेस (इक्वाडोर), द हाईलैंड वैनगार्ड (इंडोनेशिया), क्यूका – एंसेस्ट्रल मेमोरी (वेनेजुएला), साचा – ए बॉय फ्रॉम चेर्नोबिल (क्यूबा) और द लीप ऑफ द एंजल्स (वेनेजुएला) प्रदर्शित होंगी। इसके अतिरिक्त सबमिशन श्रेणी में किताबी मस्ती, द व्हिस्पर्स ऑफ चेंज और रे इंकलाबी फिल्मों का भी प्रदर्शन किया जाएगा।
विभिन्न देशों के राजनयिकों उपस्थिति
फिल्म महोत्सव में विभिन्न देशों के राजनयिकों और विशिष्ट अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति रहेगी। कार्यक्रम में साइप्रस के उच्चायुक्त इवागोरास व्रीयोनाइड्स अपनी पत्नी क्लाउडिया व्रीयोनाइड्स तथा सुपुत्रियों गैलाटिया व्रीयोनाइड्स एनरिकेज़ और सिमोनी व्रीयोनाइड्स एनरिकेज़ के साथ उपस्थित रहे। त्रिनिदाद और टोबैगो के उच्चायुक्त महामहिम चंद्रदत्त सिंह अपनी पत्नी अनीता सिंह के साथ कार्यक्रम में शामिल हुए। इक्वाडोर दूतावास से मिशन के उप प्रमुख जॉर्ज विनिसियो एनरांगो तथा सचिव दीपक उपस्थित रहे। वहीं लेसोथो उच्चायोग से परामर्शदाता मेटसिंग एडिल लेम्फाने, सचिव नत्सुकुनयाने डैनियल त्सेनोली तथा कार्यकारी सचिव अनीता कुमार कार्यक्रम में शामिल हुए। इसके अलावा दक्षिण अफ्रीका उच्चायोग से रामासेला एवलिन मामाबोलो और फिलीले गुम्बी की भी उपस्थिति रही। अंतरराष्ट्रीय कला और फिल्म जगत से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रशंसित फ्रांसीसी अभिनेत्री मैरिएन बोर्गो, पद्मश्री अवार्डी इंडोनेशिया के अगस इंद्र उदयना, जर्मनी के फिल्म निर्देशक राफेल स्टेम्पलेव्स्की, भारत में गूगल की प्रतिनिधि सुज़ाना फ्रांसिस तथा अभिनेत्री और सेलिब्रिटी श्वेता मेहता भी उपस्थित रहीं। कार्यक्रम में आयोजन से जुड़े प्रवीण कुमार पटोद और रमन ऋषि द्विवेदी की भी महत्वपूर्ण उपस्थिति रहेगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / ललित ज्वेल