खाद-बीज विक्रेताओं की हड़ताल, इंदौर में प्रदर्शन, कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन

 


इंदौर, 27 अप्रैल (हि.स.)। खाद, बीज और कीटनाशक विक्रेताओं ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर सोमवार को शहर में प्रदर्शन किया और कारोबार बंद रखा। यह हड़ताल एग्रो इनपुट डीलर्स एसोसिएशन (एआईडीए), नई दिल्ली के आह्वान पर देशव्यापी स्तर पर आयोजित की गई, जिसमें करीब 5 लाख कारोबारी शामिल रहे।

इंदौर में व्यापारियों ने जुलूस निकालकर प्रधानमंत्री और केंद्रीय कृषि मंत्री के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। जिलेभर के करीब 3 हजार व्यापारी इस आंदोलन में शामिल हुए। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनमोहन कलंत्री, इंदौर जिलाध्यक्ष एवं प्रदेश उपाध्यक्ष श्रीकृष्ण दुबे, सचिव जितेन्द्र जैन एवं राष्ट्रीय प्रवक्ता संजय रघुवंशी ने बताया कि इंदौर-उज्जैन सहित जिला मुख्यालयों पर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा है। हड़ताल का असर सिर्फ शहर तक सीमित नहीं रहा, बल्कि महू, देपालपुर, सांवेर, राऊ, हातोद और खुडैल सहित कई ब्लॉकों में भी व्यापार पूरी तरह बंद रहा। विक्रेताओं ने एकजुट होकर अपनी मांगों को लेकर आवाज बुलंद की।

व्यापारियों की प्रमुख मांगें

उर्वरक कंपनियों द्वारा सब्सिडी वाले खाद के साथ अन्य उत्पाद जबरन खरीदवाने की प्रथा बंद हो

खाद की डिलीवरी रेलहेड तक सीमित रखने के बजाय सीधे विक्रेताओं तक पहुंचे

डीलर मार्जिन 1.5% से बढ़ाकर 8% किया जाए

“जिम्मेदारी कंपनियों की, परेशान हम”

प्रदेश उपाध्यक्ष श्रीकृष्ण दुबे ने कहा कि कीटनाशकों के सैंपल लेने की प्रक्रिया में भी व्यापारियों को अनावश्यक परेशान किया जाता है, जबकि इसकी जिम्मेदारी उत्पादक कंपनियों की होनी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि फिलहाल यह सांकेतिक हड़ताल है, लेकिन यदि मांगें नहीं मानी गईं तो खरीफ सीजन से पहले अनिश्चितकालीन हड़ताल की जाएगी।

व्यापारियों का कहना है कि वर्तमान व्यवस्था के कारण उन्हें प्रति बैग 40 से 50 रुपए अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ रहा है, जिसका सीधा असर किसानों पर पड़ रहा है। उन्होंने मांग की कि खाद की आपूर्ति “फ्री ऑन रोड” आधार पर की जाए, ताकि लागत कम हो और किसानों को राहत मिल सके।

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हिन्दुस्थान समाचार / नेहा पांडे