झाबुआ कलेक्ट्रेट परिसर में मुआवजे की मांग पर किसानों का धरना जारी, दाल-बाटी खाकर खुले आसमान के नीचे गुजारी रात

 






झाबुआ, 21 अगस्त (हि.स.)। मध्य प्रदेश के झाबुआ जिले में बदनावर-टिमरवानी फोरलेन निर्माण के लिए अधिग्रहित जमीन के मुआवजे से असंतुष्ट किसानों का झाबुआ कलेक्ट्रेट परिसर में अनिश्चितकालीन धरना शुक्रवार को भी जारी रहा। गुरुवार से शुरू हुए आंदोलन में बड़ी संख्या में किसान और महिलाएं शामिल हैं। किसानों ने रात कलेक्ट्रेट परिसर में ही गुजारी और सामूहिक रूप से भोजन तैयार कर खाया। किसानों का कहना है कि मुआवजे के मुद्दे पर लिखित आश्वासन मिलने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।

धरना स्थल पर किसानों ने सामूहिक भोजन की व्यवस्था की गई। गुरुवार रात करीब 30 किलो आटे की बाटी और 7 किलो चावल तैयार किए गए। शुक्रवार सुबह करीब 10 लीटर दूध की चाय और पोहे का नाश्ता बनाया गया। किसानों ने कहा कि मांग पूरी होने तक वे इसी तरह धरना स्थल पर रहेंगे। किसानों की प्रमुख मांग फोरलेन के लिए अधिग्रहित जमीन का नियमानुसार बाजार मूल्य से चार गुना मुआवजा दिए जाने की है। गुरुवार को मेघनगर एसडीएम अवनधती प्रधान और एनएचएआई प्रोजेक्ट डायरेक्टर देवेंद्र चापडेकर ने धरना स्थल पहुंचकर किसानों से चर्चा की थी। अधिकारियों ने किसानों को आर्बिट्रेशन आवेदन के माध्यम से अपनी आपत्ति और पक्ष रखने की सलाह दी थी।

रास्ते, ड्रेनेज और सड़क की ऊंचाई पर बनी सहमति

किसान संघ के जिला मंत्री वरदीचंद पाटीदार के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्टर डॉ. योगेश तुकाराम भरसट से मुलाकात कर अपनी समस्याएं रखीं। चर्चा में खेतों तक पहुंचने वाले रास्तों, ड्रेनेज व्यवस्था और फोरलेन की ऊंचाई को लेकर सहमति बनी, लेकिन मुआवजे के मुद्दे पर किसानों और प्रशासन के बीच सहमति नहीं बन सकी। किसानों ने स्पष्ट किया है कि जब तक मुआवजे के संबंध में लिखित आश्वासन नहीं मिलता, तब तक कलेक्ट्रेट परिसर में उनका अनिश्चितकालीन धरना जारी रहेगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / नेहा पांडे