किसान संगठनों ने भोपाल कूच की चेतावनी दी, 23 जुलाई तक मांगें नहीं मानी गईं तो रेल रोको आंदोलन का ऐलान

 


नर्मदापुरम, 21 जुलाई (हि.स.)। मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम जिले में ग्रीष्मकालीन मूंग खरीदी के सीमित कोटे, खाद वितरण की ई-टोकन व्यवस्था और अन्य कृषि संबंधी मांगों को लेकर संयुक्त किसान मोर्चा ने सरकार को आंदोलन की चेतावनी दी है। किसान संगठनों ने कहा है कि यदि 23 जुलाई तक उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो 27 जुलाई को भोपाल कूच कर मुख्यमंत्री निवास का घेराव किया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर रेल रोको आंदोलन भी किया जाएगा।

मंगलवार को संयुक्त किसान मोर्चा के प्रतिनिधिमंडल ने नर्मदापुरम संभागायुक्त श्रीकांत बनोट को ज्ञापन सौंपकर मुख्यमंत्री और कृषि मंत्री से 23 जुलाई तक प्रतिनिधिमंडल की मुलाकात कराने का आग्रह किया। किसान नेताओं का कहना है कि बातचीत के जरिए समस्याओं का समाधान उनकी प्राथमिकता है।

27 जुलाई को पैदल मार्च के साथ भोपाल कूच

किसान नेताओं ने बताया कि यदि निर्धारित समय तक उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो 27 जुलाई को नर्मदापुरम में मां नर्मदा का पूजन करने के बाद किसान पैदल मार्च के साथ भोपाल के लिए रवाना होंगे। इसके बाद मुख्यमंत्री निवास का शांतिपूर्ण घेराव किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मांगें पूरी नहीं होने की स्थिति में आंदोलन को आगे बढ़ाते हुए रेल रोको कार्यक्रम भी आयोजित किया जा सकता है।

इटारसी में बनी आंदोलन की रणनीति

संयुक्त किसान मोर्चा की रणनीति 19 जुलाई को इटारसी के मेहरागांव स्थित देवाशीष गार्डन में हुई बैठक में तय की गई। बैठक में 13 से 15 किसान संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इसमें नर्मदापुरम, हरदा, बैतूल, सीहोर, नरसिंहपुर, खंडवा और खरगोन सहित विभिन्न जिलों के किसान नेताओं ने हिस्सा लेकर आगामी आंदोलन की रूपरेखा पर चर्चा की।

खाद वितरण व्यवस्था पर जताई नाराजगी

किसान नेताओं ने खाद वितरण की ई-टोकन व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उनका आरोप है कि मौजूदा व्यवस्था के कारण किसानों को समय पर यूरिया, डीएपी, एनपीके और टीएसपी जैसे उर्वरक उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं। उन्होंने इस व्यवस्था में तत्काल सुधार की मांग की।

एमएसपी और मूंग खरीदी का भी उठाया मुद्दा

संयुक्त किसान मोर्चा ने कहा कि ग्रीष्मकालीन मूंग खरीदी के सीमित कोटे और न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से जुड़े मुद्दों पर भी किसानों में असंतोष है। किसान नेताओं का कहना है कि घोषित समर्थन मूल्य का लाभ सभी किसानों तक प्रभावी ढंग से नहीं पहुंच रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि मांगों पर समय रहते निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को प्रदेशव्यापी स्वरूप दिया जाएगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / नेहा पांडे