अनूपपुर में झमाझम बारिश से किसानों को राहत, खरीफ बोवनी ने पकड़ी रफ्तार
अनूपपुर, 09 जुलाई (हि.स.)। मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले में मानसून की सक्रियता के चलते जिला मुख्यालय सहित कोतमा, जैतहरी, भालूमाड़ा, अमरकंटक और राजेंद्रग्राम समेत ग्रामीण अंचलों में लगातार हो रही बारिश से किसानों को बड़ी राहत मिली है।
पिछले पांच दिनों से तेज और रुक-रुक कर हो रही बारिश के बाद गुरुवार को दिनभर बूंदाबांदी का सिलसिला जारी रहा। हालांकि तेज बारिश थमने से नगरीय क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति में कुछ सुधार हुआ और लोगों को राहत मिली। वहीं आसमान में काले बादल छाए रहने से आगामी दिनों में भी अच्छी बारिश की संभावना बनी हुई है।
अधीक्षक भू-अभिलेख विभाग के अधिकारी प्रदीप मोगरे ने बताया कि 1 जुलाई से जिले में लगातार वर्षा हो रही है, जो पिछले कई वर्षों की तुलना में बेहतर स्थिति है। इस बारिश से जैतहरी, कोतमा, फुनगा, राजेंद्रग्राम और अमरकंटक क्षेत्र में खरीफ फसलों की बुवाई ने गति पकड़ ली है। खेतों में पर्याप्त नमी बनने से किसानों को बुवाई में सुविधा मिल रही है। हालांकि जिले के कुछ इलाकों में अभी भी पर्याप्त पानी नहीं पहुंचने के कारण किसान सिंचाई पर निर्भर हैं।
24 घंटे में औसतन 10.7 मिमी वर्षा दर्ज
भू-अभिलेख विभाग के अनुसार, पिछले 24 घंटों में जिले में औसतन 10.7 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। अनूपपुर में 1.5 मिमी, कोतमा में 4 मिमी, बिजुरी में 18.3 मिमी, राजेंद्रग्राम में 1.2 मिमी, जैतहरी में 8 मिमी तथा अमरकंटक में सर्वाधिक 46.2 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई।
मानक औसत से पीछे चल रही बारिश
1 जून से अब तक जिले में कुल 229.1 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई है, जबकि इस अवधि तक सामान्य औसत वर्षा 279 मिलीमीटर होनी चाहिए थी। पिछले वर्ष इसी अवधि में जिले में 347.6 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई थी। इस प्रकार इस वर्ष अब तक की वर्षा सामान्य औसत और पिछले वर्ष दोनों की तुलना में कम बनी हुई है।
खरीफ बोवनी अभी 26 प्रतिशत
कृषि विभाग के अनुसार जिले में खरीफ फसलों की बोवनी का लक्ष्य 1 लाख 85 हजार हेक्टेयर निर्धारित किया गया है। इसके मुकाबले अब तक केवल 26 प्रतिशत क्षेत्र में ही बोवनी हो सकी है। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आगामी दिनों में मानसून इसी तरह सक्रिय रहा तो बोवनी का कार्य तेजी से पूरा होने की संभावना है।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश शुक्ला