अशोकनगर : ई-टोकन की उलझन से किसान परेशान, खाद की कालाबाजारी पर विधायक ने उठाए सवाल
अशोकनगर, 9 अक्टूबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश के अशोकनगर जिले में खाद की उपलब्धता और ई-टोकन व्यवस्था को लेकर किसानों की परेशानियां सामने आई हैं। चंदेरी विधायक जगन्नाथ सिंह रघुवंशी ने शुक्रवार को इस मामले में कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर व्यवस्था में तत्काल सुधार की मांग की है। उन्होंने ई-टोकन बुकिंग में आ रही दिक्कतों, निजी कंप्यूटर सेंटरों पर अतिरिक्त राशि वसूले जाने की शिकायतों और नकली खाद के मामलों पर चिंता जताते हुए किसानों को राहत दिलाने की मांग की।
विधायक ने कहा कि ई-टोकन और स्लॉट खुलने का निश्चित समय तय नहीं होने से किसान असमंजस में हैं। कई किसान मोबाइल ऐप के माध्यम से खुद टोकन बुक नहीं कर पा रहे हैं। इसके चलते उन्हें निजी कंप्यूटर सेंटरों की मदद लेनी पड़ रही है, जहां अतिरिक्त शुल्क वसूले जाने की शिकायतें मिल रही हैं।
उन्होंने ई-टोकन जारी करने और स्लॉट खुलने की समय-सारणी निर्धारित कर सार्वजनिक की जाए। इससे किसानों को पहले से जानकारी रहेगी और वे अपनी सुविधा के अनुसार टोकन बुक कर सकेंगे। समय तय होने से उन्हें बार-बार प्रयास करने और अनावश्यक भागदौड़ से भी राहत मिलेगी।
किसानों को मोबाइल ऐप के माध्यम से ई-टोकन बुक करने में आ रही परेशानियों का मुद्दा भी उठाया गया। विधायक ने संबंधित अधिकारियों से तकनीकी खामियों की जांच कर उन्हें जल्द दूर करने की मांग की है। उन्होंने कृषि विभाग, मंडी, कलेक्ट्रेट, तहसील, मार्कफेड और संबंधित समितियों में सहायता काउंटर स्थापित करने का सुझाव दिया, ताकि किसान पंजीयन और ई-टोकन संबंधी समस्याओं का समाधान स्थानीय स्तर पर करा सकें। इससे उन्हें निजी कंप्यूटर सेंटरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।
विधायक ने जिले की अधिक से अधिक सहकारी समितियों और सोसाइटियों में पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराने की मांग की। उनका कहना है कि किसानों को खाद के लिए एक समिति से दूसरी समिति तक भटकना नहीं पड़े। जरूरत के समय उन्हें आसानी से खाद मिल सके, इसके लिए वितरण व्यवस्था को दुरुस्त करना जरूरी है।
उन्होंने ने निजी कंप्यूटर सेंटरों पर ई-टोकन बनवाने के नाम पर कथित अतिरिक्त वसूली का मुद्दा भी उठाया। ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि ई-टोकन का समय स्पष्ट नहीं होने का फायदा उठाकर कुछ निजी संचालक किसानों से प्रति बोरी करीब 100 रुपये तक अतिरिक्त राशि वसूल रहे हैं। उन्होंने ऐसी वसूली पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है।
विधायक जगन्नाथ सिंह रघुवंशी ने सुझाव दिया कि सहकारी समितियों के पंजीकृत किसान सदस्यों का ई-टोकन और पंजीयन संबंधित समिति के माध्यम से ही कराया जाए। इससे किसानों को निजी सेंटरों के चक्कर लगाने से राहत मिलेगी और प्रक्रिया में पारदर्शिता भी बढ़ेगी।
हिन्दुस्थान समाचार / देवेन्द्र ताम्रकार