केसली में ‘अग्निपरीक्षा’ दे रहे किसान, फायर ब्रिगेड का अभाव बना बड़ी समस्या
सागर, 07 अप्रैल (हि.स.)। मध्य प्रदेश के सागर जिले की केसली तहसील अंतर्गत ग्राम पंचायत घाना में सोमवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब खेतों में अज्ञात कारणों से भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और एक खेत से दूसरे खेत तक फैल गई, जिससे किसानों की तैयार फसल को भारी नुकसान पहुंचने की आशंका है।
दमकल की देरी से बढ़ा नुकसान
स्थानीय लोगों के अनुसार, केसली क्षेत्र में आगजनी की घटनाओं के दौरान सबसे बड़ी समस्या संसाधनों की कमी है। तहसील मुख्यालय पर फायर ब्रिगेड की व्यवस्था नहीं होने के कारण हर बार देवरी से दमकल वाहन बुलाना पड़ता है। दूरी अधिक होने के कारण दमकल के पहुंचने तक आग व्यापक नुकसान कर चुकी होती है। घाना की घटना में भी यही स्थिति सामने आई।
ग्रामीणों में आक्रोश
घटना के बाद क्षेत्रीय नागरिकों में स्थानीय जनप्रतिनिधियों और प्रशासन के प्रति नाराजगी देखी जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि मंचों से विकास के बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन बुनियादी सुविधाओं की अनदेखी की जा रही है।
ग्रामीणों ने बताया कि लंबे समय से केसली में फायर ब्रिगेड की मांग की जा रही है, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। प्रशासनिक उदासीनता के चलते हर साल किसानों को लाखों रुपये का नुकसान झेलना पड़ता है।
पहले भी हो चुकी हैं घटनाएं
स्थानीय लोगों का कहना है कि कुछ दिन पहले भी केसली क्षेत्र में आगजनी की बड़ी घटना में कई एकड़ फसल जलकर नष्ट हो गई थी। यदि उस समय प्रभावी कदम उठाए जाते, तो आज की घटना से बचा जा सकता था।
प्रशासन पर उठे सवाल
लगातार हो रही आगजनी की घटनाओं के बावजूद तहसील स्तर पर दमकल वाहन की व्यवस्था न होना प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रहा है।
घाना में हुई इस घटना के बाद एक बार फिर क्षेत्र में फायर ब्रिगेड की मांग तेज हो गई है। फिलहाल, किसान अपनी बर्बाद होती फसलों को देख बेबस नजर आ रहे हैं और जल्द राहत व ठोस व्यवस्था की उम्मीद कर रहे हैं।
हिन्दुस्थान समाचार / मनीष कुमार चौबे