मंदसौरः अफीम नीति में देरी से किसान चिंतित, विधायक जैन ने वित्त मंत्री से जल्द अफीम नीति घोषित करने की मांग की

 


मंदसौर, 13 अक्टूबर (हि.स.)। अफीम नीति 2026-27 अब तक घोषित नहीं होने से मध्य प्रदेश के मंदसौर, नीमच सहित अफीम उत्पादक क्षेत्रों के किसान चिंतित हैं। किसानों का कहना है कि पिछले वर्ष सितंबर माह में ही अफीम नीति जारी कर दी गई थी, लेकिन इस वर्ष अक्टूबर माह शुरू होने के बावजूद नीति घोषित नहीं हुई है। ऐसे में खेत बुआई के लिए तैयार होने के बावजूद किसान असमंजस में हैं।

इस संबंध में क्षेत्र के विधायक विपिन जैन द्वारा मंगलवार को वित्त मंत्री,भारत सरकार को पत्र भेजकर अफीम नीति शीघ्र घोषित करने की मांग की गई है। पत्र में बताया गया कि अक्टूबर के पहले और दूसरे सप्ताह में अफीम की बुआई होने पर मौसम की अनुकूलता का लाभ मिलता है और उत्पादन बेहतर रहता है। नीति जारी होने में देरी से बुआई प्रभावित होने के साथ फसल में रोग का खतरा बढ़ सकता है और उत्पादन पर भी प्रतिकूल असर पड़ सकता है।

जैन ने अपने पत्र में इस वर्ष क्षेत्र में कम बारिश को लेकर भी चिंता जताई है। उनका कहना है कि फसल के अंतिम चरण में पानी की आवश्यकता होती है, ऐसे में कम वर्षा के कारण सिंचाई की समस्या सामने आ सकती है। बुआई में देरी का असर आगे अफीम तौल तथा सीपीएस डोडा तुड़ाई और तुलाई के दौरान वजन पर पड़ने की आशंका भी जताई गई है। जैन ने सरकार से मार्फिन की औसत सीमा कम करने, पुराने चीरा पद्धति के आधार पर अफीम के पट्टे जारी करने तथा पूर्व में काटे गए सभी पट्टों को बहाल करने की मांग की है ।

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हिन्दुस्थान समाचार / अशोक झलोया