गेहूं खरीदी व्यवस्था में अनियमितताओं पर किसानों की शिकायतें, जीतू पटवारी ने उठाए सवाल

 


भोपाल, 20 मई (हि.स.)। मध्य प्रदेश में चल रही गेहूं खरीदी व्यवस्था को लेकर किसानों की परेशानियों और कथित अनियमितताओं के मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाज़ी तेज हो गई है। मध्य प्रदेश कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने बुधवार काे मीडिया काे जारी बयान में राज्य सरकार की खरीदी प्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा है कि कई स्थानों से किसानों की समस्याओं की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं।

जीतू पटवारी के अनुसार ई-उपार्जन पोर्टल में स्लॉट उपलब्ध न होना, सर्वर का बार-बार डाउन होना और स्लॉट खुलते ही तुरंत भर जाना जैसी तकनीकी समस्याएं किसानों के लिए कठिनाई पैदा कर रही हैं। उनका यह भी कहना है कि कुछ मामलों में सैटेलाइट सर्वे और एआई आधारित सत्यापन में रिकॉर्ड में गड़बड़ियों के कारण किसानों का पंजीयन प्रभावित हो रहा है। उन्होंने यह आरोप भी लगाया कि खरीदी केंद्रों पर अव्यवस्था की स्थिति बनी हुई है, जिससे किसानों को अपनी उपज लेकर लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। साथ ही बारदानों की उपलब्धता, तौल प्रक्रिया और भीड़ प्रबंधन से जुड़ी समस्याओं की शिकायतें भी सामने आ रही हैं।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि किसानों को एमएसपी का भुगतान समय पर नहीं मिल रहा है। कई किसानों को भुगतान की स्थिति तक स्पष्ट नहीं है। बैंकिंग और पोर्टल लिंकिंग की समस्याओं के कारण किसान आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं। दूसरी ओर नमी और गुणवत्ता के नाम पर मनमानी कटौती तथा गेहूं रिजेक्ट करने की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। पटवारी ने आरोप लगाया कि खरीदी केंद्रों पर बिचौलियों और भ्रष्टाचार का बोलबाला है। छोटे किसान मजबूरी में व्यापारियों को कम दाम पर गेहूं बेच रहे हैं। “पहले तौल” के नाम पर लेनदेन और राजनीतिक दबाव जैसी शिकायतें भी कई केंद्रों से सामने आ रही हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार किसानों को राहत देने में पूरी तरह विफल साबित हुई है। यदि सरकार ने तत्काल व्यवस्था में सुधार नहीं किया तो कांग्रेस पार्टी किसानों के साथ सड़कों पर संघर्ष करेगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / नेहा पांडे