झाबुआ के तीन आदतन अपराधी छह माह के लिए जिला बदर

 


झाबुआ, 24 फ़रवरी (हि.स.)। मप्र के झाबुआ जिले में कानून-व्यवस्था एवं सार्वजनिक शांति बनाए रखने के उद्देश्य से कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी ने मध्यप्रदेश राज्य सुरक्षा अधिनियम, 1990 की धारा 5 (क, ख) के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए तीन आदतन अपराधियों को छह माह के लिए जिला बदर करने के आदेश जारी किए हैं।

उल्लेखनीय है कि यह कार्रवाई जिले में बढ़ती आपराधिक गतिविधियों पर अंकुश लगाने और आमजन में सुरक्षा की भावना मजबूत करने के उद्देश्य से की गई है। आदेशानुसार दिनेश पुत्र सोमजी उर्फ हुमजी भूरिया निवासी काकनवानी, प्रकाश पुत्र वरसिंह खराडी निवासी गुजरपाडा तथा प्रमोद उर्फ चिंटू पुत्र सुरेश राठौर निवासी तेलीवाड़ा, झाबुआ को आदेश प्राप्ति के 24 घंटे के भीतर झाबुआ जिले की राजस्व सीमा सहित समीपवर्ती धार, रतलाम, आलीराजपुर एवं बड़वानी जिलों की सीमाओं से बाहर जाना होगा।

यह आदेश छह माह तक प्रभावी रहेगा। इस अवधि में संबंधित व्यक्तियों को सक्षम न्यायालय की पूर्व लिखित अनुमति के बिना इन क्षेत्रों में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। इस संबंध में जिला पुलिस अधीक्षक डॉ. शिवदयाल सिंह द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदन के अनुसार दिनेश भूरिया (42 वर्ष) के विरुद्ध मारपीट, अवैध शस्त्र रखने, अवैध शराब रखने तथा शासकीय कार्य में बाधा उत्पन्न करने जैसे कई प्रकरण दर्ज हैं। वर्ष 2016 से वह लगातार आपराधिक गतिविधियों में सक्रिय रहा है। प्रतिबंधात्मक कार्रवाई के बावजूद उसके व्यवहार में सुधार नहीं हुआ, जिससे ग्राम काकनवानी एवं आसपास के क्षेत्र की शांति प्रभावित हो रही थी।

प्रकाश खराडी (48 वर्ष) पर साम्प्रदायिक तनाव फैलाने, मारपीट, गाली-गलौज एवं अवैधानिक गतिविधियों में संलिप्त रहने के आरोप हैं। उसके विरुद्ध थाना मेघनगर में अपराध क्रमांक 287/2025 के तहत म.प्र. गौवंश वध प्रतिषेध अधिनियम, 2004 की धाराओं में प्रकरण दर्ज है। उसे गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया जा चुका है। पुलिस के अनुसार उसकी गतिविधियां क्षेत्र की लोक-व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती बन रही थीं। वहीं प्रमोद उर्फ चिंटू राठौर (36 वर्ष) के विरुद्ध म.प्र. पब्लिक गेम्बलिंग एक्ट के अंतर्गत नौ प्रकरण दर्ज हैं। वर्ष 2022 से वह अवैध सट्टा गतिविधियों में लिप्त पाया गया है। उसकी गतिविधियों से आमजन प्रभावित हो रहे थे और लोग शिकायत दर्ज कराने से भी भयभीत रहते थे।

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हिन्दुस्थान समाचार / डॉ. उमेश चंद्र शर्मा