मंदसौरः खाद वितरण में ई-विकास प्रणाली अनिवार्य, कलेक्टर ने दिए शत-प्रतिशत ऑनलाइन व्यवस्था के निर्देश
मंदसौर, 22 जून (हि.स.)। मध्य प्रदेश के मंदसौर कलेक्टर श्रीमती अदिति गर्ग की अध्यक्षता में सोमवार को सुशासन भवन स्थित सभागार में साप्ताहिक अंतरविभागीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों की योजनाओं और कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। बैठक में कलेक्टर श्रीमती गर्ग ने कृषि विभाग को निर्देश दिए कि किसानों को खाद का वितरण अनिवार्य रूप से ई-विकास प्रणाली के माध्यम से किया जाए।
उन्होंने कहा कि खाद वितरण की पूरी प्रक्रिया इसी प्रणाली के तहत सुनिश्चित की जाए और किसानों को उनकी फसलों की आवश्यकता एवं निर्धारित मानकों के अनुसार खाद उपलब्ध कराया जाए। कलेक्टर ने स्वाइल हेल्थ कार्ड योजना की समीक्षा करते हुए प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए व्यापक स्तर पर जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने प्राकृतिक खेती से जुड़ने वाले किसानों का चयन और पंजीयन शीघ्र पूरा करने तथा किसानों तक प्राकृतिक खेती से संबंधित योजनाओं का लाभ पहुंचाने पर जोर दिया। पशुपालन विभाग की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने क्षीरधारा योजना, किसान क्रेडिट कार्ड, अक्रियाशील मैत्री के पुनर्सक्रियकरण, कामधेनु योजना एवं डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना का अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार कर पात्र हितग्राहियों को लाभ पहुंचाने के निर्देश दिए।
बैठक में संबल योजना के प्रकरणों का समय-सीमा में निराकरण करने, नगरीय निकायों को जर्जर एवं खतरनाक भवनों का चिन्हांकन कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए। वहीं 108 एम्बुलेंस सेवाओं की उपलब्धता और संचालन की समीक्षा करते हुए पिछले दो माह की रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया। इसके अलावा समग्र ई-केवाईसी, टीबी मुक्त भारत अभियान, उल्लास भारत साक्षरता कार्यक्रम और राजस्व संग्रहण की प्रगति की भी समीक्षा की गई। बैठक में अपर कलेक्टर श्रीमती एकता जायसवाल, जिला पंचायत सीईओ श्री अनुकूल जैन सहित विभिन्न विभागों के जिला अधिकारी मौजूद रहे।
अंडरपास में जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान करें : कलेक्टर जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक भी सोमवार को कलेक्टर श्रीमती अदिति गर्ग की अध्यक्षता में सुशासन भवन में आयोजित हुई। बैठक में सड़क सुरक्षा, वर्षा पूर्व तैयारियों और यातायात व्यवस्था को लेकर चर्चा की गई। कलेक्टर ने अधिकारियों को जिले के अंडरपास में बारिश के दौरान होने वाली जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान करने के निर्देश दिए। उन्होंने सेमली काकड़ औद्योगिक क्षेत्र में सड़क कनेक्टिविटी पॉइंट को जल्द सुगम बनाने को कहा।
उन्होंने निर्माण एजेंसियों को सड़क मरम्मत, गड्ढों को भरने और सड़क के शोल्डर निर्माण कार्य को प्राथमिकता से पूरा करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि तय समय सीमा में कार्य पूरा नहीं होने पर संबंधित ठेकेदारों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। वर्षा पूर्व तैयारियों की समीक्षा करते हुए उन्होंने जलभराव वाले क्षेत्रों में सुरक्षा इंतजाम सुनिश्चित करने और आमजन को ऐसे स्थानों से आवागमन नहीं करने के लिए जागरूक करने के निर्देश दिए।
हिन्दुस्थान समाचार / अशोक झलोया