अनूपपुर: हाथियों ने तोड़े 6 घर, 8 दिन से एक ही जंगल में कर रहें विचरण, रात में कुछ देर रुका यातायात

 




अनूपपुर, 12 जुलाई (हि.स.)। मध्यप्रदेश के अनूपपुर जिले में छत्तीसगढ़ की सीमा से आये तीन हाथियों का दल पिछले आठ दिनों से जिला मुख्यालय से महज 7 किलोमीटर दूर बरबसपुर और भोलगढ़ के जंगलों में डेरा डाले हुए है। शनिवार की रात हाथियों के राष्ट्रीय राजमार्ग 43 के करीब पहुंचने से कुछ देर के लिए यातायात रोकना पड़ा। वहीं बीते तीन दिनों में हाथियों ने आधा दर्जन ग्रामीणों के घरों में तोड़फोड़ कर अनाज और फसलों को भी नुकसान पहुंचाया है। वन विभाग ने क्षेत्र में अलर्ट जारी कर निगरानी बढ़ा दी है।

दोपहर में बड़ा नर हाथी अपने दो साथियों के साथ वन तालाब में पानी पीने पहुंचा। इसके बाद तीनों हाथी भोलगढ़ बस स्टैंड और वाटर शेड तालाब के बीच राष्ट्रीय राजमार्ग 43 के किनारे विचरण करते नजर आए। रातभर हाथियों का दल हाईवे से करीब 100 मीटर की दूरी तक घूमता रहा और रविवार सुबह फिर जंगल की ओर लौट गया। वन परिक्षेत्राधिकारी स्वर्ण गौरव सिंह ने बताया कि हाथियों के मुख्य मार्ग के बेहद करीब पहुंचने पर वन विभाग, कोतवाली पुलिस और यातायात पुलिस की संयुक्त टीम ने सुरक्षा के मद्देनजर कुछ देर के लिए वाहनों की आवाजाही रोक दी। हाथियों के जंगल में लौटने के बाद यातायात सामान्य कर दिया गया।

रात में हाथियों का दल राष्ट्रीय राजमार्ग कर भोलगढ़ गांव में घुस गया था। आहार की तलाश में हाथियों ने कई कच्चे मकानों में तोड़फोड़ कर घरों में रखा अनाज खा लिया। इसके अलावा खेतों, बाड़ियों, सब्जियों और पेड़-पौधों को भी भारी नुकसान पहुंचाया। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले कई महीनों से हाथियों के हमलों से लगातार नुकसान हो रहा है, लेकिन अब तक मुआवजा नहीं मिला। हाथियों के डर से लोग रातभर जागकर घरों की रखवाली कर रहे हैं। हाथियों का दल कभी एक साथ तो कभी अलग-अलग होकर गांव और हाईवे के आसपास विचरण कर रहा है, जिससे पूरे इलाके में दहशत का माहौल बना हुआ है।

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि हाथियों के लगातार हमलों के बावजूद प्रशासन और वन विभाग की ओर से स्थायी समाधान नहीं निकाला गया है। लोगों ने जल्द मुआवजा देने और हाथियों के मूवमेंट को नियंत्रित करने के प्रभावी इंतजाम करने की मांग की है, ताकि जान-माल के नुकसान को रोका जा सके।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश शुक्ला