अनूपपुर: हाथियों का आतंक जारी: घर की दीवार तोड़ने से बुजुर्ग घायल, हाथी देखने चढ़ी महिला भी गिरी
अनूपपुर, 27 जुलाई (हि.स.)। मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले में जंगली हाथियों का आतंक लगातार बना हुआ है। रविवार और सोमवार की दरमियानी रात जैतहरी नगर से सटे लहरपुर गांव में भोजन की तलाश में पहुंचे हाथियों ने एक मकान की दीवार तोड़ दी। दीवार का मलबा गिरने से घर के अंदर सो रहे 60 वर्षीय बुद्धू पनिका गंभीर रूप से घायल हो गए। वहीं चोई गांव में हाथी देखने के लिए छत पर चढ़ रही एक महिला का पैर फिसलने से वह भी घायल हो गई।
जैतहरी वन परिक्षेत्राधिकारी विवेक मिश्रा ने बताया कि लहरपुर गांव में हाथियों के झुंड ने बुद्धू पनिका के घर की दीवार तोड़ दी। उस समय वह घर के अंदर खाट पर सो रहे थे। दीवार का मलबा उनके ऊपर गिरने से वे घायल हो गए। वन विभाग के गश्ती दल ने उन्हें तत्काल जैतहरी अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका उपचार जारी है।
इसी रात हाथियों का दूसरा दल चोई गांव के पडमनिया टोला की बस्ती में पहुंच गया। हाथियों को देखने के लिए 40 वर्षीय कलावती चर्मकार छत पर चढ़ रही थीं, तभी उनका पैर फिसल गया और वह गिरकर घायल हो गईं। उन्हें भी उपचार के लिए जैतहरी अस्पताल में भर्ती कराया गया।
वन विभाग के अनुसार पिछले दो दिनों से तीन हाथियों का दल अलग-अलग समूहों में विचरण कर रहा है। सोमवार सुबह दो हाथी चोई गांव के पास प्लांटेशन के जंगल में तथा एक हाथी कुसुमहाई के झंडी टोला के जंगल में विश्राम करता मिला। अधिकारियों का कहना है कि रात होने पर हाथियों की गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
हाथियों की लगातार आवाजाही से लहरपुर, चोई, कुसुमहाई और आसपास के गांवों के ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। हाथी मकानों में रखे अनाज को नुकसान पहुंचा रहे हैं और खेतों में खड़ी फसलों को रौंदकर तथा खाकर बर्बाद कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि वन विभाग का गश्ती दल केवल सतर्क रहने की अपील कर रहा है, जबकि हाथियों को आबादी से दूर करने के लिए कोई ठोस व्यवस्था नहीं होने से लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश शुक्ला