आधी रात छापेमारी: वसूली के दबाव में अधिकारी मैदान में, बिजली चोरी के कई मामले पकड़े
जबलपुर, 10 अप्रैल (हि.स.)। मध्य प्रदेश के जबलपुर शहर में वर्षों से लंबित बिजली बिलों की वसूली को लेकर अब बिजली कंपनी ने सख्त रुख अपना लिया है। वसूली का दबाव इतना बढ़ गया है कि मध्य प्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के वरिष्ठ अधिकारी खुद मैदान में उतरकर कार्रवाई कर रहे हैं। गुरुवार देर रात से लेकर शुक्रवार तक शहर के विभिन्न इलाकों में सघन छापेमारी अभियान चलाया गया, जिसमें कई चौंकाने वाले मामले सामने आए।
सिटी सर्किल के मुख्य अभियंता एस.के. गिरिया के नेतृत्व में टीम ने गोराबाजार और बिलहरी क्षेत्रों में ऐसे उपभोक्ताओं के घरों पर दबिश दी, जिनके कनेक्शन वर्षों पहले काट दिए गए थे, लेकिन बकाया राशि अब तक जमा नहीं की गई थी। टीम यह जानने पहुंची थी कि आखिर 6 से 10 साल तक बिना बिजली के लोग कैसे रह रहे हैं, लेकिन मौके पर पहुंचकर हकीकत कुछ और ही निकली।
गोराबाजार के भोंगाद्वार क्षेत्र में गणेश प्रसाद के घर पर जांच के दौरान लाइट जलती मिली, जबकि रिकॉर्ड के अनुसार वर्ष 2022 में करीब 96 हजार रुपये बकाया होने पर कनेक्शन काट दिया गया था। जांच में सामने आया कि घर में अवैध रूप से बिजली चोरी कर उपयोग किया जा रहा था।
इसी तरह बिलहरी के चेतना मैदान क्षेत्र में भी टीम ने एक मकान पर कार्रवाई की, जहां करीब 6 साल पहले कनेक्शन काट दिया गया था। इसके बावजूद मकान में सीधे विद्युत पोल से बिजली ली जा रही थी। इस मकान पर करीब 1.35 लाख रुपये का बकाया दर्ज है।
अधीक्षण यंत्री संजय अरोरा ने बताया कि शहरभर में लगभग 30 टीमों का गठन किया गया था, जिसमें 30 अधिकारी और करीब 100 कर्मचारी शामिल रहे। जिन स्थानों पर बिजली चोरी पाई गई, वहां विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 135 और 126 के तहत प्रकरण दर्ज किए गए हैं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि बकायादारों और बिजली चोरी करने वालों के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा और आगे भी इसी तरह सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / विलोक पाठक