मिलौनीगंज में बिजली के दो जर्जर पोल भरभराकर गिरे, तारों में धमाकों से मची अफरा-तफरी

 


जबलपुर, 12 सितंबर (हि.स.)। मध्‍य प्रदेश के जबलपुर शहर के घनी आबादी वाले मिलौनीगंज मुख्य मार्ग पर शनिवार को बिजली लाइन के रखरखाव के दौरान बड़ा हादसा होते-होते बच गया। नई आर्मर्ड केबल डालने के काम में जुटे विद्युत विभाग के कर्मचारी के पोल पर चढ़ते ही दो जर्जर बिजली पोल अचानक धराशायी हो गए। एक पोल के साथ कर्मचारी भी नीचे आ गिरा। इसी दौरान बिजली के तारों में शॉर्ट सर्किट होने से तेज चिंगारियां निकलने लगीं और जोरदार धमाके से आसपास के लोगों में हड़कंप मच गया। गनीमत रही कि स्कूल के सामने हुए इस हादसे में किसी राहगीर या स्कूली बच्चे को चोट नहीं आई।

घटना मिलौनीगंज से सुभाष मार्केट की ओर जाने वाले व्यस्त मार्ग पर स्थित एक स्कूल के सामने की है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विद्युत विभाग का लाइन स्टाफ पुरानी केबल बदलकर नई आर्मर्ड केबल डालने का काम कर रहा था। इसी दौरान एक कर्मचारी जर्जर बिजली पोल पर चढ़ गया।

कर्मचारी के पोल पर पहुंचते ही जमीन में धंसा उसका कमजोर निचला हिस्सा भार नहीं सह सका। पोल नीचे से टूटकर सड़क पर जा गिरा और उसके साथ कर्मचारी भी नीचे आ गिरा। पोल से जुड़े तारों में खिंचाव पैदा होने के कारण दूसरा जर्जर पोल भी कुछ ही देर में सड़क पर धराशायी हो गया।

हादसे के दौरान एक बिजली पोल सामने स्थित मकान की दीवार से जा टिका, जबकि दूसरा मुख्य सड़क पर गिर पड़ा। बिजली के तार टूटने से शॉर्ट सर्किट हुआ और तेज धमाकों के साथ चिंगारियां निकलने लगीं। अचानक हुए घटनाक्रम से मौके पर मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई।

आसपास के लोगों ने तत्परता दिखाते हुए मलबे में फंसे विद्युत विभाग के कर्मचारी को बाहर निकाला। सड़क पर पोल गिरने के कारण कुछ समय के लिए यातायात भी बाधित रहा। स्कूल के सामने हुई इस घटना में बच्चों और राहगीरों के सुरक्षित बच जाने से लोगों ने राहत की सांस ली।

घटना के बाद स्थानीय नागरिकों ने विद्युत विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं। लोगों का कहना है कि जब बिजली पोल का निचला हिस्सा पहले से कमजोर और जर्जर था, तो उसकी तकनीकी मजबूती की जांच किए बिना कर्मचारी को उस पर चढ़ाकर काम क्यों कराया गया।

नागरिकों ने यह भी आरोप लगाया कि व्यस्त मार्ग और स्कूल के सामने काम होने के बावजूद मौके पर पर्याप्त बैरिकेडिंग और सुरक्षा घेरा नहीं बनाया गया था। ऐसे में यदि हादसे के समय सड़क से कोई राहगीर या स्कूली बच्चा गुजर रहा होता, तो स्थिति गंभीर हो सकती थी।

हादसे के बाद मिलौनीगंज और आसपास के पुराने इलाकों के रहवासियों में विद्युत विभाग के प्रति नाराजगी है। क्षेत्रवासियों ने मांग की है कि पुराने और जर्जर बिजली पोलों का तत्काल तकनीकी सर्वे कराया जाए।

लोगों का कहना है कि सर्वे के दौरान कमजोर पोलों को चिह्नित कर उन्हें जल्द बदला जाना चाहिए। इसके साथ ही बिजली लाइनों के रखरखाव और केबल बदलने के दौरान सुरक्षा मानकों का अनिवार्य रूप से पालन कराया जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं में किसी की जान जोखिम में न पड़े।

हिन्दुस्थान समाचार / विलोक पाठक