अनूपपुर: ईद पर एक-दूसरे के गले मिले, मांगी गई अमन चैन की दुआ, राज्य मंत्री ने दी मुबारकबाद

 








अनूपपुर, 21 मार्च (हि.स.)। मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले में शनिवार को ईद का पर्व आपसी भाईचारे व सामाजिक सौहार्द के माहौल में जिले भर मे शांतिपूर्ण ढंग से मनाया गया।

एक माह से चला आ रहा पवित्र रमजान का पावन महीना शनिवार को मुस्लिम धर्मावलंबियों के ईदगाह में नमाज अदा करने साथ समाप्त हो गया। जिले के कोतमा, जैतहरी, राजेन्द्रग्राम, बिजुरी, राजनगर, चचाई, रामनगर, भालूमाडा सहित जिले के विभिन्न ईदगाहों में सिर झुकाकर सजदा किया और विश्व कल्याण की दुआ मांगी गई।

राज्य मंत्री दिलीप जायसवाल ने दी मुबारकबाद

इस मुबारक मौके पर प्रदेश के कुटीर एवं ग्रामोद्योग राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिलीप जायसवाल जिले एवं प्रदेशवासियों को ईद की मुबारकबाद एवं बधाई दी है। उन्होंने कहा कि ईद केवल एक धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि यह आपसी प्रेम, भाईचारे, त्याग और सामाजिक सद्भाव का प्रतीक है, जो समाज को जोड़ने और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करने का कार्य करता है।

सुरक्षा बल और मोबाइल पेट्रोलिंग रहीं तैनात

जिला मुख्यालय अनूपपुर में प्रात: 9 बजे ईदगाह में ईद की नमाज मदीना जमा मस्जिद के हाफिज मो. सलमान द्वारा अदा कराई गई। अतरिक्त पुलिस अधीक्षक जगनाथ मरकाम ने बताया कि ईद के मौक पर जिलेभर में 27 मस्जिद और ईदगाहों पर नमाज अदा की गई। जिलेभर के सभी थाना क्षेत्रों प्वाईंट बनाते हुए 300 सुरक्षा बल के साथ 13 मोबाइल पेट्रोलिंग रहीं तैनात किए गए थे। इसके सभी जगह शांतिपूर्वक नमाज अदाएगी के साथ पर्व मनाया गया है। वहीं लोगो ईदगाह पहुंचकर मुस्लिम भाइयों को मुबारकबाद दी। इस दौरान जिला प्रशसन और पुलिस सभी जगहों पर तैनात रहीं।

शव्वाल का चांद देखकर मनाया जाता है ईद का त्योहार

ईद का त्योहार शव्वाल का चांद देखकर मनाया जाता है, शव्वाल एक अरबी कैलेंडेर के महीने का नाम हैं, जो रमजान के महीने के बाद आता है शव्वाल की पहली तारीख को ईद उल फितर मनाई जाती है, ईद उल फितर को मीठी ईद भी कहा जाता है। इस दिन लोगों के घरों में सेवईं या फिर खीर के साथ-साथ कई बेहतरीन पकवान बनाए जाते हैं और फिर लोग एक दूसरे के घर जाकर ईद की मुबारकबाद पेश करते हैं। ईद उल-फितर यानी मीठी ईद रमजान के रोजा की समाप्ति पर सुबह से शाम तक मनाई जाती हैं और महीने भर के रोजा के दौरान शक्ति और धीरज प्रदान करने के लिए अल्लाह को धन्यवाद देने के लिए मनाया जाता हैं।

ईद की तारीख हिजरी कैलेंडर की वजह से हर साल बदलती है, यह कैलेंडर चंद्रमा पर आधारित होता है, इसमें चांद की घटती-बढ़ती चाल के अनुसार दिनों की गिनती की जाती हैं, जब एक नया चांद दिखाई देता है और धार्मिक अधिकारियों द्वारा इसकी पुष्टि की जाती है। इसके बाद ही इस्लामी महीना शुरू होता है, नया चांद दिखने के आधार पर ही दुनियाभर में अलग-अलग दिनों में ईद का त्योहार मनाया जाता हैं।

इस मौके पर जिला मुख्यालय में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जगनाथ मरकाम, एसडीएम कमलेश पुरी, तहसीलदार (प्रशिक्षुक डिप्टी कलेक्टर) प्राशि अग्रवाल, ज्योति दुबे (पुलिस आरआई) कोतवाली अनूपपुर निरीक्षक अरविंद जैन सहित अन्य पुलिस अधिकारी मौजूद रहें।

कोतमा में जुहिला नदी के किनारे अल्लाह के सजदे में झुकाया सिर

ईद के मौके पर शनिवार को कोतमा ईदगाह में मुस्लिम समाज के लोगो ने नमाज अदा कर अमन चैन की दुआ मांगी। और एक दूसरे के गले मिलकर ईद की बधाई दी। ईदगाह स्थल पर प्रशासन के साथ ही पुलिस विभाग नगर पालिका के कर्मचारी उपस्थित रहें।

राजेन्द्रग्राम में भी ईद के मौके पर स्थानीय मुस्लिम धर्मावलंबियों ने जुहिला नदी के किनारे बने मस्जिद में खुशियों के साथ नमाज अदा की तथा अल्लाह के सजदे में अपना सिर एक साथ झुकाया। जबकि भालूमाड़ा में ईद उल फित्र का पर्व सदभावनापूर्ण व सौहार्द्र के साथ मनाया गया। सुबह भालूमाड़ा ईदगाह में नमाज 9 बजे अदा की गई। नमाज अदाएगी की बाद उपस्थित लोगों ने एक दूसरे को ईद का मुबारकबाद पेश की। कोतमा नगरीय क्षेत्र में पूर्व निर्धारित समयानुसार ईद की नमाज अदाएगी की गई। नमाज सम्पन्न होने के बाद सभी नमाजियों ने उपस्थित लोगों को ईद की मुबारकबाद दी। वहीं जैतहरी नगर में मुस्लिम समुदाय द्वारा ईद उल फितर में भी मस्जिद में नमाज अदा की गई।

कानून व्यवस्था का लिया जायजा

ईद- उल- फितर के अवसर पर जिला प्रशासन द्वारा सद्भावना और भाईचारे की गौरवशाली परंपरा को कायम रखने कानून एवं शांति व्यवस्था के तहत अनुभाग अनूपपुर, जैतहरी ,पुष्पराजगढ़ एवं कोतमा में कार्यपालक दंडाधिकारियों व पुलिस अधिकारियों की तैनाती की गई थी जिले के विभिन्न क्षेत्रों में ईद- उल -फितर के मौके पर नमाज अदा की गई।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश शुक्ला