शिक्षा, भर्ती परीक्षा और रोजगार के मुद्दे पर जीतू पटवारी ने सरकार को घेरा, बोले- विद्यार्थियों तक योजनाओं का लाभ पहुंचना जरुरी
इंदौर, 13 सितंबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने शनिवार को इंदौर प्रेस क्लब में पत्रकार वार्ता कर प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था, भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं, बेरोजगारी और युवाओं के पलायन के मुद्दे उठाए। उन्होंने भाजपा सरकार पर शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में अपेक्षित परिणाम नहीं देने का आरोप लगाते हुए व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग की।
जीतू पटवारी ने कहा कि प्रदेश के कई स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं और शिक्षकों की कमी जैसे मुद्दे अब भी चुनौती बने हुए हैं। उनका कहना था कि शिक्षा संस्थान ज्ञान, शोध, तर्क और वैज्ञानिक सोच के केंद्र होने चाहिए। उन्होंने उच्च शिक्षा संस्थानों में वैचारिक हस्तक्षेप बढ़ने का आरोप लगाते हुए पाठ्यक्रम और शिक्षा नीति की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष समीक्षा की मांग की।
बजट बढ़ा, लेकिन लाभ कितना मिला
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि वर्ष 2026-27 के बजट में शिक्षा, खेल, कला एवं संस्कृति क्षेत्र के लिए 52,917 करोड़ रुपए का प्रावधान बताया गया है, जबकि 2025-26 के संशोधित अनुमान में यह राशि 46,844 करोड़ रुपए थी। उन्होंने कहा कि बजट में वृद्धि महत्वपूर्ण है, लेकिन इसका वास्तविक आकलन विद्यार्थियों और शिक्षकों को मिले लाभ के आधार पर होना चाहिए। उन्होंने कहा कि जर्जर स्कूलों, शिक्षकों की कमी, शिक्षा की बढ़ती लागत और परीक्षा व्यवस्था को लेकर विद्यार्थियों के बीच पैदा हो रहे अविश्वास जैसे मुद्दों पर सरकार को स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
भर्ती परीक्षाओं को लेकर उठाए सवाल
पटवारी ने मप्र व्यवसायिक परीक्षा मंडल, पुलिस आरक्षक भर्ती, नर्सिंग भर्ती और एमपीपीएससी सहित विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में सामने आए कथित विवादों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि परीक्षा में अनियमितता का असर उन युवाओं पर पड़ता है, जो वर्षों तैयारी करने के बाद परीक्षा में शामिल होते हैं। उन्होंने दावा किया कि 2020 से जून 2026 के बीच व्यवसायिकपरीक्षामंडल द्वारा आयोजित 73 परीक्षाओं में से एक दर्जन से अधिक परीक्षाएं कथित अनियमितताओं और फर्जीवाड़े से जुड़े पुलिस मामलों में जांच के दायरे में आईं, जबकि तीन भर्ती परीक्षाएं रद्द भी हुईं।
नर्सिंग भर्ती परीक्षा का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि 2023 में स्टाफ नर्स भर्ती परीक्षा का पेपर लीक होने के बाद परीक्षा रद्द करनी पड़ी और मामले में आठ लोगों की गिरफ्तारी हुई। जीतू पटवारी ने सरकार से पूछा कि ऐसे मामलों में अब तक कितने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई हुई और परीक्षार्थियों के हितों की सुरक्षा के लिए क्या व्यवस्था की गई है।
बेरोजगारी और पलायन का मुद्दा उठाया
कांग्रेस अध्यक्ष ने बेरोजगारी को प्रदेश की बड़ी चुनौती बताते हुए कहा कि सरकारी आंकड़ों में करीब 30 लाख युवाओं के बेरोजगार होने की बात सामने आती है। उन्होंने दावा किया कि रोजगार की तलाश में मध्यप्रदेश के युवा गुजरात, महाराष्ट्र, राजस्थान और दिल्ली सहित अन्य राज्यों का रुख कर रहे हैं। पटवारी ने कहा कि शिक्षा और रोजगार एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं। उनके अनुसार गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ पर्याप्त रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए।
19 सितंबर को इंदौर में ‘छात्रों की गूंज’
जीतू पटवारी ने 19 सितंबर को इंदौर में होने वाले कांग्रेस के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम की जानकारी भी दी। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम रीजनल पार्क के सामने स्थित मैदान में होगा, जिसे कांग्रेस ने ‘भारत जोड़ो मैदान’ नाम दिया है। उनके अनुसार आयोजन के लिए कांग्रेस की ओर से आईडीए को 10 लाख रुपए से अधिक की राशि जमा की गई है। उन्होंने कहा अगर 10 लाख की जगह 1 करोड़ रुपये भी मांगते, तब भी हम देते। क्योंकि राहुल गांधी इस देश के युवाओं की आवाज उठा रहे हैं। भाजपा दलगत राजनीति से ऊपर उठकर युवाओं के सवाल सुनने को तैयार नहीं है।”
सरकार से सात सवाल
पटवारी ने सरकार से जर्जर स्कूलों की स्थिति, शिक्षकों की कमी, शिक्षा संस्थानों में कथित वैचारिक हस्तक्षेप, पेपर लीक और भर्ती परीक्षा विवादों, बेरोजगार युवाओं के लिए रोजगार नीति, युवाओं के पलायन तथा शिक्षा नीति की स्वतंत्र समीक्षा को लेकर जवाब मांगा। उन्होंने कहा कि सरकार को युवाओं की समस्याओं पर संवाद करना चाहिए और उनके सवालों का जवाब देना चाहिए।
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हिन्दुस्थान समाचार / नेहा पांडे