जबलपुर : स्कूल शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव ने तीन स्कूलों का किया औचक निरीक्षण
जबलपुर, 03 अक्टूबर (हि.स.)। जनविश्वास अभियान के तहत स्कूल शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव डॉ. संजय गोयल ने जबलपुर जिले के शहपुरा विकासखंड के तीन शासकीय विद्यालयों का शनिवार को औचक निरीक्षण किया। उन्होंने शासकीय हाई स्कूल पावला, शासकीय हाई स्कूल सुंदरादेही और पीएमश्री शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बरमान पहुंचकर शैक्षणिक व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने विद्यार्थियों से सीधे संवाद कर पढ़ाई, पाठ्यक्रम, उपस्थिति और भविष्य की योजनाओं को लेकर जानकारी ली।
प्रमुख सचिव ने छात्र-छात्राओं से उनके नियमित अध्ययन, अब तक पूरा हो चुके पाठ्यक्रम और भविष्य के लक्ष्यों पर चर्चा की। उन्होंने विद्यार्थियों से विकसित भारत की संकल्पना को लेकर भी संवाद किया और शिक्षा के माध्यम से देश के विकास में उनकी भूमिका पर विचार साझा किए।
निरीक्षण के दौरान जिला शिक्षा अधिकारी गौतम बर्वे, जिला परियोजना समन्वयक (डीपीसी) योगेश शर्मा, विकासखंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ), विकासखंड स्त्रोत समन्वयक (बीआरसी) सहित शिक्षा विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।
प्रमुख सचिव ने विद्यालयों में शैक्षणिक गुणवत्ता और अनुशासन को और बेहतर बनाने पर विशेष जोर दिया। संस्था प्रमुखों को निर्देश दिए गए कि कक्षाओं में दर्ज विद्यार्थियों की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी प्रयास किए जाएं। साथ ही निर्धारित समय-सारिणी के अनुसार सभी विषयों का नियमित अध्यापन सुनिश्चित करने को कहा गया।
उन्होंने शिक्षकों को शैक्षणिक कार्ययोजना के अनुरूप प्रतिदिन डायरी संधारित करने और अध्यापन कार्य की नियमित निगरानी पर जोर दिया। विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति का निरंतर मूल्यांकन कर कमजोर विद्यार्थियों पर विशेष ध्यान देने के निर्देश भी दिए गए।
बोर्ड और वार्षिक परीक्षाओं को देखते हुए प्रमुख सचिव ने निर्धारित समय-सीमा के भीतर संपूर्ण पाठ्यक्रम पूरा कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पाठ्यक्रम समय पर पूरा होने के साथ विद्यार्थियों को परीक्षा की पूर्व तैयारी के लिए पर्याप्त समय मिलना चाहिए। शिक्षकों और संस्था प्रमुखों को शैक्षणिक कार्ययोजना के अनुसार लक्ष्य तय कर कार्य करने के निर्देश दिए गए, ताकि विद्यार्थियों के परीक्षा परिणाम के साथ उनके बुनियादी ज्ञान में भी सुधार सुनिश्चित हो सके।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / विलोक पाठक