प्रदोष काल और स्थिर लग्न में रविवार को मनेगी दीपावली : पं. सुनील शर्मा
सीहोर 07 नवंबर (हि.स.)। दीपोत्सव पर्व 6 से 11 नवंबर तक मनाया जाएगा। ज्योतिषाचार्य पं. सुनील शर्मा के अनुसार रविवार को स्वाति नक्षत्र में दीपावली मनाई जाएगी। अमावस्या तिथि 8 नवंबर रविवार को सुबह 10:23 बजे से 9 नवंबर सोमवार को सुबह 11:01 बजे तक रहेगी। शास्त्रीय मान्यता के अनुसार प्रदोष काल में अमावस्या होने से रविवार शाम को महालक्ष्मी, भगवान गणेश, माता सरस्वती और भगवान कुबेर का पूजन श्रेष्ठ रहेगा।
दीपावली पर भूमि, भवन, दुकान, वाहन, आभूषण और बर्तनों की खरीदारी तथा नवीन कार्यों का शुभारंभ शुभ माना जाता है। इस दिन श्री यंत्र की विशेष पूजा का भी विधान है।
पं. शर्मा ने बताया कि 9 नवंबर को सोमवती अमावस्या पर स्नान, दान और पितृ पूजन का महत्व रहेगा। प्रतिपदा तिथि 9 नवंबर को सुबह 11:02 बजे से 10 नवंबर को दोपहर 12:09 बजे तक रहेगी। उदया तिथि के अनुसार 10 नवंबर को गोवर्धन पूजा और अन्नकूट महोत्सव मनाया जाएगा। इस दिन गोबर से गोवर्धन पर्वत की आकृति बनाकर गौमाता का पूजन किया जाता है।
11 नवंबर को अनुराधा नक्षत्र में भाई दूज मनाई जाएगी। इस दिन सर्वार्थ सिद्धि और अमृत सिद्धि योग रहेंगे। बहनें भाइयों को तिलक लगाकर उनकी सुख-समृद्धि और सफलता की कामना करेंगी। यमुना स्नान का भी विशेष धार्मिक महत्व है।
दीपावली पूजन के मुहूर्त: अमृत चौघड़िया सुबह 10:41 से दोपहर 12:04 बजे तक, शुभ चौघड़िया दोपहर 1:28 से 2:52 बजे तक, गोधूलि बेला शाम 5:20 से 6:10 बजे तक, प्रदोष काल शाम 5:40 से 7:16 बजे तक, वृषभ स्थिर लग्न शाम 6:10 से रात 8:11 बजे तक, अमृत चौघड़िया रात 7:18 से 8:52 बजे तक तथा सिंह लग्न मध्यरात्रि 12:18 से 2:42 बजे तक रहेगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / राजू विश्वकर्मा