अनूपपुर: जिले में नौ दिनों तक आदिशक्ति के विभिन्न स्वरुपों की विविधत पूजा-अर्चना, 367 दुर्गा प्रतिमा स्थापित

 




अनूपपुर, 11 अक्टूबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले में आदिशक्ति देवी माता दुर्गा की आराधना का महापर्व आश्विन शुक्ल प्रतिपदा शारदेय नवरात्र रविवार से शुभारम्भ हो गया। नौ दिनों तक आदिशक्ति के विभिन्न स्वरुपों की विविधत पूजा-अर्चना की जाएगी। जिले में 367 स्थानों में दुर्गा प्रतिमाओं की स्थापना हो रहीं है। विभिन्न थाना क्षेत्रों से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, इस बार कुल 193 छोटी और 174 बड़ी प्रतिमाएं शामिल हैं। प्रतिमाओं की बड़ी हुई संख्या को देखते हुए इस दौरान सुरक्षा, यातायात व्यवस्था और शांति बनाए रखना प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण चुनौती रहेगी।

नवरात्रि के प्रथम दिन रविवार को को मां शैलपुत्री की पूजा उपासना की गई। वहीं दूसरे दिन बह्मचारिणी माता का पूजन अर्जन किया जाएगा। सुबह-शाम मंदिरों में हवन व श्लोकों के गुजांयमान से सारा क्षेत्र धर्मामय हो गया है। जिले के विभिन्न क्षेत्रों में स्थित माता की मंदिरों में सुबह से ही ‘या देवी सर्वभूतेषु: शक्ति रूपेंण संस्थिता जैसे श्लोक की गूंज चहुओर गुंजाईमान हो रही है। इस अवसर पर माता के दर्शन व पूजा अर्चना के लिए मंदिरों में श्रद्धालुओं व भक्तों की कतार लग गई है।

पवित्र नगरी अमरकंटक में मां नर्मदा मंदिर, ज्वालेश्वरधाम के दुर्गा मंदिर, तुलरा की विरासनी माता मंदिर, राजेन्द्रग्राम, बेनीबारी, जैतहरी, बैंकटनगर, कोतमा, बिजुरी, राजनगर, आमाडांड स्थित विभिन्न मान्याताओं वाली देवी मंदिरों में विधि विधान से माता शक्ति की पूजा अर्चना आरम्भ है।

जानकारी अनुसार जिले में दुर्गा प्रतिमा विभिन्न थाना क्षेत्रों में कुल 367 दुर्गा प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं। इनमें 193 छोटी और 174 बड़ी प्रतिमाएं शामिल हैं। चचाई थाना क्षेत्र में सबसे अधिक 41 प्रतिमाएं स्थापित होगी वहीं वेंकटनगर में 7 प्रतिमाएं स्थापित होगी। बिजुरी थाना क्षेत्र में 38, करनपठार में 35 और कोतवाली एवं रामनगर थाना क्षेत्रों में 33-33 प्रतिमाएं स्थापित हैं। देवहरा और फुनगा में 28-28, कोतमा और राजेंद्रग्राम में 26-26 तथा जैतहरी में 25 प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं। इसके अलावा भालूमाड़ा में 24, अमरकंटक में 13, सरई में 10 स्थापित की गई हैं।

वहीं अनूपपुर शहर में विभिन्न पूजा समितियों द्वारा प्रतिमाएं स्थापित की गई है। अलावा सामतपुर स्थित त्रिमूर्ति देवी मढिय़ा, बूढ़ी माई मंदिर, पटौरा टोला स्थित माता मंदिर, खेरमाई मढिय़ा, चचाई रोड स्थित दुर्ग़ा मंदिर, सिद्धबाबा आश्रम में नवरात्र का महापर्व धूमधाम से मनाया जा रहा है।

शैल पुत्री के पूजन से आरम्भ हुआ नवरात्र

मां के नौ स्वरुपो में प्रथम माता भगवती शैलपुत्री जो पर्वतराज हिमालय की पुत्री मानी जाती है का पूजन अर्चन किया गया। इस अवसर पर भक्तों ने माता का पूजन विधि- विधान से कर नवरात्र की शुरुआत की। जबकि रविवार को ब्रह्चारिणी स्वरूपा माता के दूसरे रूप का पूजन अर्जन किया जाएगा। पंडित नरेन्द्र तिवारी के अनुसार देवी का आह्वान लाल पुष्प और अक्षत से करना श्रेष्ठ होता है। देवी को लाल कनेर का फूल, लाल झंडा और लाल चुनरी विशेष प्रिय है। पूरे नौ दिनों तक जो श्रद्धालु व्रत का धारण कर मातारानी की श्रद्धा एवं भक्ति से आराधना करता है, उसके जीवन में कभी विपत्ति नहीं आती है। वह प्राणी हमेशा मां की कृपा का पात्र बना रहता है।

रहेगी चाक चौबंद व्यवस्था

अतरिक्त पुलिस अधीक्षक जगनाथ मरकाम ने बताया कि जिले में नवरात्रि को देखते हुए अतरिक्त सुरक्षा व्यवस्था की गई हैं। शासन से 20 अतरिक्त पुलिस बल मिला हैं जिसे तीनों अनुविभाग में भेज कर व्यवस्था को चाक चौबंद किया गया है। किसी भी स्थल पर अप्रिय घटना जैसी वारदात न हो इस पर अंकुश लगाने के लिए विभिन्न मंदिरों में पुलिस जवान की तैनाती की गई है। जबकि जवारे के दिन विशेष व्यव्स्था की जाएगी।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश शुक्ला