जिला जेल अनूपपुर का आकस्मिक निरीक्षण, बंदियों की समस्याएं सुनकर दिए आवश्यक निर्देश
अनूपपुर, 25 जून (हि.स.)। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण एवं मध्य प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर के निर्देशानुसार गुरुवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अनूपपुर की अध्यक्ष एवं प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश माया विश्वरलाल ने जिला जेल अनूपपुर का आकस्मिक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने जेल परिसर में उपलब्ध विभिन्न व्यवस्थाओं का गहन अवलोकन किया तथा बंदियों को प्रदान की जा रही सुविधाओं की गुणवत्ता का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने जेल परिसर की साफ-सफाई, सुरक्षा व्यवस्था, भोजन की गुणवत्ता, स्वास्थ्य सेवाओं तथा बंदियों को उपलब्ध कराई जा रही अन्य मूलभूत सुविधाओं का बारीकी से परीक्षण किया। उन्होंने जेल प्रशासन से व्यवस्थाओं के संबंध में विस्तृत जानकारी प्राप्त की और यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया कि सभी बंदियों को निर्धारित मानकों के अनुरूप सुविधाएं उपलब्ध हों।
इस अवसर पर उन्होंने जेल में निरुद्ध बंदियों से सीधे संवाद स्थापित किया और उनकी समस्याओं, शिकायतों तथा आवश्यकताओं के बारे में जानकारी ली। बंदियों ने अपनी विभिन्न समस्याओं और व्यक्तिगत मामलों से संबंधित मुद्दों को उनके समक्ष रखा। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने सभी शिकायतों को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित अधिकारियों को उनके त्वरित एवं प्रभावी निराकरण के लिए आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बंदियों के अधिकारों की रक्षा करना न्याय व्यवस्था की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है और इस दिशा में किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान बंदियों को निःशुल्क विधिक सहायता योजनाओं के बारे में भी जानकारी प्रदान की गई। उन्हें बताया गया कि आर्थिक रूप से कमजोर एवं पात्र व्यक्तियों को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से निःशुल्क कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जाती है। साथ ही बंदियों को उनके संवैधानिक एवं विधिक अधिकारों के संबंध में जागरूक किया गया, ताकि वे अपने अधिकारों और उपलब्ध कानूनी उपायों के प्रति सजग रह सकें।
प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने जेल प्रशासन को निर्देशित किया कि बंदियों के स्वास्थ्य, स्वच्छता और कल्याण से जुड़े सभी पहलुओं पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने कहा कि जेलों में मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए बंदियों को बेहतर वातावरण उपलब्ध कराना आवश्यक है, जिससे उनके पुनर्वास और सुधार की प्रक्रिया को मजबूती मिल सके।
निरीक्षण के दौरान न्यायाधीश बॉबी सोनकर, जिला विधिक सहायता अधिकारी बृजेश पटैल, जेल अधीक्षक इंद्रदेव तिवारी, चीफ लीगल एड डिफेंस काउंसिल संतदास नापित, डिप्टी चीफ लीगल एड डिफेंस काउंसिल रामकृष्ण सोनी तथा असिस्टेंट लीगल एड डिफेंस काउंसिल शोभा पटेल सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। अंत में अधिकारियों ने जेल प्रशासन को व्यवस्थाओं में निरंतर सुधार करने तथा बंदियों के कल्याण और उनके अधिकारों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश शुक्ला