'सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा' के बीच दिग्विजय सिंह और अमृता राय ने मनाया करवा चौथ
राजगढ़, 30 अक्टूबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने अपनी पत्नी अमृता राय के साथ राजगढ़ जिले के करेड़ी गांव में करवा चौथ का पर्व मनाया। उज्जैन से अयोध्या तक निकाली जा रही उनकी 'सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा' के दौरान गुरुवार रात यह खास पल आया। यात्रा के पड़ाव पर चांद निकलने के बाद दिग्विजय सिंह और अमृता राय ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और करवा चौथ की परंपराएं निभाईं।
दिग्विजय सिंह इन दिनों उज्जैन स्थित महाकालेश्वर मंदिर से अयोध्या तक करीब 930 किलोमीटर की पदयात्रा कर रहे हैं। यात्रा के दसवें दिन गुरुवार को दल खुजनेर से रवाना हुआ। इसके बाद चौंडापुरा, मवासा जोड़, खीमा खेड़ी, लिमोंदा, चाटूखेड़ा-चौंसला जोड़, गुराडिया और खजूरी होते हुए करेड़ी गांव पहुंचा। यहां यात्रा का रात्रि विश्राम हुआ। अमृता राय भी पदयात्रा में उनके साथ चल रही हैं।
यात्रा के दौरान राजगढ़ जिले के लिमोंदा गांव में बालिका प्रियंका ने अमृता राय के हाथों में करवा चौथ की मेहंदी लगाई। इस दौरान उन्हें पर्व की शुभकामनाएं भी दी गईं। अमृता राय ने मेहंदी लगवाने के इस पल को अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर साझा किया।
पदयात्रा के व्यस्त कार्यक्रम के बीच करवा चौथ का पर्व मनाने और मेहंदी लगवाने के ये पल चर्चा में रहे। करेड़ी गांव में रात्रि विश्राम के दौरान तंबू के बीच चांद निकलने पर दोनों ने पूजा-अर्चना कर पर्व की रस्में पूरी कीं।
करवा चौथ का व्रत केवल धार्मिक परंपरा तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे जीवनसाथी के प्रति प्रेम, विश्वास, समर्पण और जीवनभर साथ निभाने के संकल्प का प्रतीक भी माना जाता है। इस पर्व की खासियत यह है कि इसमें अमीरी-गरीबी का कोई भेद नहीं होता। कोई भव्य आयोजन कर व्रत की रस्में निभाता है तो कोई सादगी के साथ पूजा-अर्चना करता है, लेकिन जीवनसाथी की सुख-समृद्धि और लंबी उम्र की कामना के पीछे भावना सभी की एक जैसी रहती है।
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हिन्दुस्थान समाचार / राजू विश्वकर्मा