डीजीपी ने किया ट्रेनिंग ऑफ ट्रेनर्स का शुभारंभ, एआई ड्रोन से होगी सिंहस्थ की निगरानी
उज्जैन, 22 अप्रैल (हि.स.)। सिंहस्थ-28 को लेकर उज्जैन में तैयारियां तेज हो गई हैं। पुलिस महकमे ने भीड़ प्रबंधन से लेकर साइबर निगरानी तक की बहु-स्तरीय रणनीति पर काम शुरू कर दिया है। इसी क्रम में पुलिस महानिदेशक ने ‘ट्रेनिंग ऑफ ट्रेनर्स’ कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए आधुनिक तकनीक और प्रशिक्षण आधारित व्यवस्था पर जोर दिया। डीजीपी ने उज्जैन में सिंहस्थ को लेकर चल रही पुलिस की तैयारियों की प्रशंसा भी की।
सिंहस्थ को लेकर पुलिस विभाग ने व्यापक तैयारियों की दिशा में ठोस कदम उठाना शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में बुधवार को पुलिस सामुदायिक भवन में ट्रेनिंग ऑफ ट्रेनर्स (प्रशिक्षक प्रशिक्षण) कार्यक्रम का शुभारंभ प्रदेश के पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना द्वारा किया गया। कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक इंटेलिजेंस ए. साई मनोहर, एडीजी प्रशिक्षण राजाबाबू सिंह, एडीजी उज्जैन जोन राकेश गुप्ता, डीआईजी उज्जैन रेंज नवनीत भसीन और पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और विभिन्न जिलों से आए पुलिस अधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम की शुरुआत डीआईजी नवनीत भसीन के स्वागत उद्बोधन से हुई। इसके बाद एसपी प्रदीप शर्मा ने सिंहस्थ 2028 की तैयारियों पर विस्तृत प्रेजेंटेशन दिया। इसमें वर्ष 2016 के सिंहस्थ के अनुभवों और आंकड़ों का विश्लेषण करते हुए आगामी आयोजन में संभावित भीड़, व्यवस्थागत चुनौतियों और उनके समाधान की रणनीतियों को प्रस्तुत किया गया।
रीयल टाइम ट्रैफिक मॉनिटर पर विशेष ध्यान
प्रस्तुतीकरण में पुलिस बल की तैनाती, ट्रैफिक मैनेजमेंट, भीड़ नियंत्रण और रेलवे स्टेशनों पर व्यवस्थाओं को लेकर विस्तृत योजना साझा की गई। शहर में प्रवेश और निकास मार्गों का वैज्ञानिक निर्धारण, रूट डायवर्जन प्लान, पार्किंग व्यवस्था और रीयल टाइम ट्रैफिक मॉनिटरिंग पर विशेष जोर दिया गया है। घाटों, मंदिरों और प्रमुख स्थलों पर भीड़ नियंत्रण के लिए बैरिकेडिंग, होल्डिंग एरिया और चरणबद्ध प्रवेश प्रणाली लागू की जाएगी। वहीं, अत्यधिक भीड़ की स्थिति में होल्ड-अप और डायवर्जन सिस्टम के जरिए श्रद्धालुओं की आवाजाही नियंत्रित की जाएगी।
आधुनिक तकनीक पर रहेगा फोकस
आधुनिक तकनीक के उपयोग पर भी खास फोकस रखा गया है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, फेस रिकग्निशन सिस्टम, ड्रोन सर्विलांस और सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से पूरे मेले क्षेत्र की निगरानी की जाएगी। पुलिस बल के लिए लॉजिस्टिक व्यवस्था भी योजना का अहम हिस्सा है। बाहर से आने वाले पुलिसकर्मियों के लिए आवास, भोजन, पेयजल और चिकित्सा सुविधाओं की विस्तृत व्यवस्था की जाएगी।
साइबर वारियर्स रखेंगे नियंत्रण
कार्यक्रम के दौरान पुलिस महानिदेशक ने ‘सिंहस्थ साइबर वारियर्स योजना पोर्टल’ का भी शुभारंभ किया। यह पोर्टल साइबर मॉनिटरिंग, अफवाहों पर नियंत्रण और त्वरित सूचना आदान-प्रदान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। डीआईजी (कानून व्यवस्था) तरुण नायक ने प्रशिक्षण कार्यक्रम की रूपरेखा बताते हुए कहा प्रशिक्षण में 48 विषयों पर करीब 110 व्याख्यान आयोजित होंगे, साथ ही फील्ड आधारित प्रैक्टिकल ट्रेनिंग भी दी जाएगी, जिससे वास्तविक परिस्थितियों में काम करने की क्षमता विकसित हो सके।
एडीजी ने साझा किए अनुभव
एडीजी राकेश गुप्ता ने पिछले सिंहस्थ के अनुभव साझा करते हुए भीड़ के अचानक बढऩे, ट्रैफिक दबाव और समन्वय संबंधी चुनौतियों का जिक्र किया और बेहतर समन्वय की आवश्यकता पर बल दिया। वहीं एडीजी प्रशिक्षण राजाबाबू सिंह ने इस तरह के प्रशिक्षण को पुलिस की दक्षता बढ़ाने में अहम बताया।
महानिदेशक ने की सरहाना
अंत में पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना ने उज्जैन पुलिस की तैयारियों की सराहना करते हुए कहा कि सिंहस्थ जैसे विशाल आयोजन की सफलता प्रभावी योजना, समन्वय और सतत प्रशिक्षण पर निर्भर करती है। कार्यक्रम के दौरान प्रशिक्षणार्थियों के लिए बनाए गए विशेष सिंहस्थ आवासीय भवन का भी लोकार्पण किया गया, जिससे बाहर से आने वाले अधिकारियों को बेहतर आवासीय सुविधा मिल सके।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / ललित ज्वेल