धनतेरस पर मंदसौर के कुबेरधाम में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब, कलेक्टर ने भी किए दर्शन
मंदसौर, 06 नवंबर (हि.स.)। धनतेरस के पावन पर्व पर शुक्रवार को मध्य प्रदेश के मंदसौर के खिलचीपुरा स्थित प्रसिद्ध श्री कुबेरधाम में भगवान कुबेर के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। सुबह से ही मंदिर परिसर में भक्तों की लंबी कतारें लगी रहीं। श्रद्धालुओं ने परिवार की सुख-समृद्धि और आर्थिक उन्नति की कामना के साथ धन के देवता भगवान कुबेर की पूजा-अर्चना की।
श्री धौलागढ़ महादेव मंदिर के नाम से विख्यात यह धार्मिक स्थल करीब 1200 वर्ष पुराना है। मंदिर के गर्भगृह में भगवान शिव के साथ माता पार्वती, भगवान गणेश और भगवान कुबेर विराजमान हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, उत्तराखंड के केदारनाथ के बाद मंदसौर ऐसा एकमात्र स्थान है, जहां भगवान कुबेर को शिव पंचायत में स्थान प्राप्त है।
पुरातत्व विशेषज्ञों के अनुसार, यहां स्थापित भगवान कुबेर की प्रतिमा उत्तर गुप्तकाल यानी सातवीं शताब्दी की है। करीब तीन फीट ऊंची इस प्रतिमा में चार भुजाओं और बड़े उदर वाले कुबेर अपने वाहन नेवले पर सवार हैं। वर्ष 1978 में इस दुर्लभ प्रतिमा की पहचान भगवान कुबेर के रूप में हुई थी। मराठाकाल में मंदिर के जीर्णोद्धार के दौरान इसे गर्भगृह में स्थापित किया गया था।
धनतेरस के अवसर पर मंदिर में ब्रह्म मुहूर्त से ही धार्मिक अनुष्ठान शुरू हो गए। भगवान शिव और कुबेर का महाभिषेक, विशेष पूजन तथा आकर्षक श्रृंगार किया गया। इसके बाद वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हवन और महाआरती संपन्न हुई। देवताओं के कोषाध्यक्ष एवं धन-संपदा के अधिष्ठाता माने जाने वाले भगवान कुबेर की धनतेरस पर पूजा का विशेष धार्मिक महत्व है। शुक्रवार तड़के से शुरू हुआ श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला देर रात तक जारी रहने की संभावना है।
कलेक्टर ने भी किए भगवान कुबेर के दर्शन
धनतेरस के अवसर पर कलेक्टर दिव्यांक सिंह ने भी शुक्रवार को श्री कुबेर मंदिर पहुंचकर भगवान के दर्शन किए और विधिवत पूजा-अर्चना की। इस दौरान एसडीएम शुभम पाटीदार, तहसीलदार नीलेश पटेल और जनपद सीईओ धर्मेंद्र यादव भी उपस्थित रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / अशोक झलोया