सभी शराब दुकानों और अवैध कारोबार की गहन जांच की जाए : उप मुख्यमंत्री शुक्ल

 


- उप मुख्यमंत्री ने अवैध शराब प्रभावितों की स्वास्थ्य सुविधाओं एवं कारवाई की समीक्षा की

भोपाल, 07 सितम्बर (हि.स.)। मध्य प्रदेश के सागर जिले के बंडा क्षेत्र में अवैध व जहरीली शराब सेवन से प्रभावित मरीजों के मामले में उप मुख्यमंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने सोमवार को बुन्देलखंड मेडिकल कॉलेज सागर के कॉन्फ्रेंस हॉल में प्रभावितों को दी जा रही स्वास्थ्य सुविधाओं एवं पुलिस-प्रशासन द्वारा की गई कार्रवाई की विस्तृत समीक्षा की। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने सख्त निर्देश देते हुए कहा कि जिले में अवैध शराब की बिक्री पर पूर्णतः रोक लगाई जाए। सभी शराब दुकानों की जांच, उनके स्टॉक की निगरानी और अवैध कारोबार की गहन जांच की जाए।

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि लापरवाही बरतने वाले एवं जिम्मेदार अधिकारियों-कर्मचारियों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पूरे प्रकरण पर नजर बनाए हुए हैं और लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। उन्होंने पुलिस अधीक्षक को जिला पुलिस प्रशासन में कसावट और नशा मुक्ति अभियान को प्रभावी रूप से चलाने के निर्देश दिए।

कलेक्टर प्रतिभा पाल ने बताया कि अवैध शराब से प्रभावित कुल 84 मरीज वर्तमान में उपचाररत हैं, जिनमें 59 मरीज बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज में, 17 मरीज जिला चिकित्सालय में, 7 मरीज बंडा सिविल हॉस्पिटल में भर्ती हैं, जबकि 1 गंभीर मरीज को एयरलिफ्ट कर एम्स भोपाल भेजा गया है। अधिकांश मरीजों की हालत अब स्थिर है और सभी के लिए आवश्यक दवाएं, डायलिसिस और जांच की सुविधाएं प्राथमिकता पर उपलब्ध कराई जा रही हैं। जहरीली शराब के स्रोत की जांच की जा रही है। प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि यह शराब बाहर से बनकर सप्लाई हुई है, जिसमें मेथेनॉल की मिलावट पाई गई है।

पुलिस अधीक्षक अनुराग सुजानिया ने बताया कि प्रकरण मे थाना बण्डा मे पंजीबद्ध किया गया है। प्रकरण में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) तथा मध्यप्रदेश आबकारी अधिनियम 1915 के विभिन्न प्रावधानों के तहत 20 आरोपियों के विरूद्ध नामजद अपराध दर्ज कर विवेचना प्रारंभ की गई है जिन पर अवैध लाभ के उद्देश्य से संदिग्ध नकली एवं अवैध शराब के निर्माण, सप्लाई एवं बिक्री से जुड़े होने के संबंध में आरोप हैं।

इसके अतिरिक्त थाना विनायका मे भी 10 आरोपियों के विरूद्ध नामजद प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ कर कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने बताया कि प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए तत्काल विशेष पुलिस टीमों का गठन किया गया है। पुलिस टीमों द्वारा विभिन्न संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश देते हुए 20 नामजद आरोपियों में से अब तक 10 आरोपियों को अभिरक्षा मे लिया गया है जिनसे गहन पूछताछ की जा रही है। उन्होंने कहा कि अवैध शराब के स्रोत की जांच एवं संलिप्त अपराधियों की लगातार धर-पकड़ जारी है। डॉ. सौरभ जैन ने बताया कि प्रभावित मरीजों का उपचार लक्षणों की तीव्रता के अनुसार किया जा रहा है, प्रभावितों के आने की दर में कमी आई है और गंभीर मरीजों का डायलिसिस जारी है।

बीएमसी में मरीजों का जाना हाल और परिजनों को बंधाया ढांढस

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने रविवार को पीड़ितों के स्वास्थ्य की जानकारी के लिए सागर स्थित बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज पहुंचे। शुक्ल ने बीएमसी के आईसीयू और क्रिटिकल केयर वार्डों में भर्ती उपचाररत मरीजों के पास पहुंचकर उनसे बातचीत की और उनके स्वास्थ्य की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने वहां मौजूद मरीजों के परिजनों से भी चर्चा की, उनका ढांढस बंधाया और आश्वस्त किया कि राज्य सरकार इस कठिन घड़ी में पूरी तरह से उनके साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि पीड़ितों के इलाज में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी मरीजों को गुणवत्तापूर्ण और सर्वोत्तम संभव इलाज मुहैया कराया जाए। आवश्यकता पड़ने पर विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम 24 घंटे तैनात रहे और दवाओं व संसाधनों की कोई कमी न होने दी जाए।

निरीक्षण के दौरान सागर विधायक शैलेंद्र जैन, बंडा विधायक वीरेंद्र सिंह कमिश्नर अनिल सुचारी, डीआईजी शशीन्द्र चौहान , कलेक्टर प्रतिभा पाल, पुलिस अधीक्षक अनुराग सुजानिया, बीएमसी के प्रभारी डीन डॉ गंगवानी, इमरजेंसी मेडिसिन से डॉ सौरभ जैन सहित अन्य जनप्रतिनिधि प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / उम्मेद सिंह रावत