अनूपपुर: शिक्षक पात्रता परीक्षा पर पुनर्विचार की मांग, राज्य मंत्री और सांसद को सौपा ज्ञापन
अनूपपुर, 06 अप्रैल (हि.स.)। मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले का मप्र शिक्षक संघ शिक्षक पात्रता परीक्षा से जुड़े मामले में पुनर्विचार की मांग को लेकर सोमवार को मध्यप्रदेश शिक्षक संघ अध्यक्ष संजय कुमार निगम के नेतृत्व में कुटीर एवं ग्रामोद्योग राज्यं मंत्री दिलीप जायसवाल एवं सांसद हिमाद्री सिंह को ज्ञापन सौंपते हुए शिक्षकों ने स्पष्ट किया कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र विचार नहीं किया गया, तो वे उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।
मध्य प्रदेश शिक्षक संघ अध्यक्ष संजय कुमार निगम ने बताया कि सर्वोच्च न्यायालय द्वारा 1 सितंबर 2025 को दिए गए निर्णय के बाद प्रदेश के लाखों शिक्षकों की सेवा सुरक्षा एवं भविष्य पर संकट की स्थिति उत्पन्न हो गई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में टीईटी की बाध्यता की प्रभावी तिथि 26 मार्च 2011 निर्धारित की गई थी। जिसे शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 के अंतर्गत वर्ष 2010 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को योग्य और छूट प्राप्त श्रेणी में रखा गया था, जबकि वर्ष 2010 के बाद नियुक्त शिक्षकों के लिए निर्धारित समय सीमा में इसे उत्तीर्ण करना अनिवार्य किया गया था।
ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि हालिया न्यायिक निर्णय में इन दोनों श्रेणियों के मध्य विधिक अंतर की अनदेखी की गई है, जिससे प्रदेश के लगभग दो लाख से अधिक शिक्षक प्रभावित हो सकते हैं। संघ ने इसे शिक्षकों की सेवा सुरक्षा, आजीविका तथा शिक्षा व्यवस्था के लिए गंभीर विषय बताया।
मध्यप्रदेश शिक्षक संघ ने मंत्री एवं सांसद से मांग की कि वह इस विषय को शासन स्तर पर उठाते हुए मध्यप्रदेश सरकार से सर्वोच्च न्यायालय में पुनर्विचार याचिका दायर करवाने तथा शिक्षकों के हितों की रक्षा हेतु आवश्यक कदम उठाने की पहल करें। जिस पर मंत्री व सांसद ने आश्वत करते हुए कहां कि मुख्यमंत्री आप लोग के हितार्थ अवश्य रूप से बात रखीं जायेगी।
इस अवसर पर डॉ नरेंद्र पटेल, राम कुमार राठौर,संजय निगम, अनिल सिंह,तरुणेंद्र द्विवेदी, अमिता मरकाम,हेतराम साहू, सम्पत मिश्रा, शंकर राठौर, फूल सिंह, धर्मेंद्र शाक्यवार, संध्या पाण्डेय, ब्लॉक एवं तहसील पदाधिकारी सहित बड़ी संख्या में शिक्षक उपस्थित रहें।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश शुक्ला