अनूपपुर: प्रशासनिक इकाई पुनर्गठन आयोग संबंधी बैठक में प्रशासनिक इकाइयों के पुनर्गठन पर हुआ मंथन

 


अनूपपुर, 20 अगस्त (हि.स.)। मध्य प्रदेश प्रशासनिक इकाई पुनर्गठन आयोग के अध्यक्ष एवं पूर्व एसीएस एस.एन. मिश्रा की अध्यक्षता में कलेक्टर कार्यालय स्थित नर्मदा सभागार में गुरूवार को प्रशासनिक इकाइयों के पुनर्गठन को लेकर महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। बैठक में जिले की भौगोलिक परिस्थितियों, जनसंख्या, क्षेत्रफल, प्रशासनिक आवश्यकताओं तथा जन अपेक्षाओं के अनुरूप प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी, सुलभ और जनोन्मुखी बनाने पर गहन विचार-विमर्श किया गया।

अध्यक्ष ने कहा कि प्रशासनिक इकाइयों का गठन एवं पुनर्गठन स्थानीय आवश्यकताओं और आमजन की सुविधा को केंद्र में रखकर किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि संभाग, जिला, तहसील एवं जनपद विकासखंड सहित विभिन्न प्रशासनिक इकाइयों के सृजन, पुनर्गठन, युक्तियुक्तकरण अथवा विलोपन से संबंधित प्रस्ताव निर्धारित प्रपत्र में आवश्यक तथ्यों एवं कारणों सहित कलेक्टर के माध्यम से आयोग को उपलब्ध कराए जाएं। उन्होंने भविष्य में नवीन प्रशासनिक इकाइयों के गठन के लिए स्पष्ट एवं व्यावहारिक मार्गदर्शी सिद्धांत विकसित करने पर भी जोर दिया।

आयोग अध्यक्ष ने प्रशासनिक इकाइयों के आकार, कार्यभार और दायित्वों के अनुरूप पद संरचना निर्धारित करने तथा मानव संसाधन के युक्तियुक्त उपयोग की आवश्यकता बताई। उन्होंने विभिन्न पदों के लिए आवश्यक कौशल एवं दक्षताओं की जानकारी भी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए, ताकि प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक सक्षम और परिणामोन्मुख बनाया जा सके।

आयोग के सचिव अक्षय कुमार सिंह ने कहा कि आयोग द्वारा प्रदेश के विभिन्न संभाग एवं जिलों का भ्रमण कर प्रशासनिक पुनर्गठन से संबंधित सुझाव प्राप्त किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं और नीतियों को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में शासकीय सेवकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि पद महत्वपूर्ण नहीं होता, महत्वपूर्ण होता है आपके द्वारा किया गया कार्य। उन्होंने अधिकारियों-कर्मचारियों को शारीरिक एवं मानसिक रूप से स्वस्थ रहकर पूरी प्रतिबद्धता से दायित्वों का निर्वहन करने की सलाह दी।

बैठक में कलेक्टर रत्नाकर झा ने कहा कि मध्यप्रदेश प्रशासनिक इकाई पुनर्गठन आयोग द्वारा चाही गई जानकारी एवं प्रस्तावों को जिले की स्थानीय आवश्यकताओं तथा जन अपेक्षाओं को ध्यान में रखते हुए तैयार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अनूपपुर जिले की विशिष्ट भौगोलिक परिस्थितियों, जनसंख्या के वितरण, क्षेत्रफल, दूरस्थ एवं ग्रामीण क्षेत्रों की आवश्यकताओं तथा आमजन की प्रशासनिक सुविधाओं को ध्यान में रखकर ऐसी व्यवस्था सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाएगा, जिससे शासन की सेवाएं लोगों तक अधिक सुगमता, शीघ्रता और प्रभावी रूप से पहुंच सकें। उन्होंने कहा कि आयोग को उपलब्ध कराई जाने वाली जानकारी तथ्यपरक, आवश्यकताओं पर आधारित एवं जनहित केंद्रित होगी।

बैठक में बताया गया कि आयोग की प्रश्नावली वेब पोर्टल पर सार्वजनिक रूप से उपलब्ध है। कोई भी व्यक्ति, संस्था, समिति अथवा जनप्रतिनिधि प्रशासनिक इकाई के सृजन, पुनर्गठन, युक्तियुक्तकरण अथवा विलोपन से संबंधित सुझाव निर्धारित प्रश्नावली के अनुरूप प्रस्तुत कर सकता है। प्राप्त प्रस्तावों की निर्धारित मापदंडों के आधार पर समीक्षा के बाद आयोग अपनी अनुशंसाएं प्रस्तुत करेगा।

बैठक में आयोग की कार्यप्रणाली, कार्यक्षेत्र, टर्म्स ऑफ रेफरेंस, प्रस्तावित प्रशासनिक इकाइयों की सीमाएं, मुख्यालय तथा कलेक्टरों से अपेक्षित जानकारी सहित अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर भी विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत अर्चना कुमारी, अपर कलेक्टर बलवीर रमन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जगन्नाथ मरकाम, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व अनूपपुर प्राशी अग्रवाल, अधीक्षक भू-अभिलेख प्रदीप कुमार मोगरे, सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग सरिता नायक सहित अन्य संबंधित विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश शुक्ला