युवा संगम से बदली दमोह के युवाओं की तकदीर, 9 माह में 5 हजार बेरोजगारों को मिला रोजगार
दमोह,14 जनवरी (हि.स.)। मध्य प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी योजना युवा संगम अब जमीनी स्तर पर सकारात्मक परिणाम देने लगी है। राज्य सरकार और जिला प्रशासन के समन्वित प्रयासों का असर यह है कि दमोह जिले में पिछले 9 महीनों के भीतर 4 हजार 962 बेरोजगार युवक-युवतियों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के अवसर प्राप्त हुए हैं। जिला मुख्यालय के साथ-साथ तहसीलों में नियमित रूप से आयोजित किए जा रहे युवा संगम रोजगार मेलों ने स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार की राह आसान कर दी है।
इस सफलता के पीछे दमोह कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर की सक्रिय भूमिका और सतत निगरानी को अहम माना जा रहा है। कलेक्टर कोचर के नेतृत्व में जिला प्रशासन का स्पष्ट लक्ष्य रहा है कि अधिक से अधिक प्रतिष्ठित कंपनियों को दमोह लाकर स्थानीय युवाओं को उनके घर के पास ही रोजगार उपलब्ध कराया जाए। इसके लिए वे लगातार रोजगार अधिकारी और औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) के अधिकारियों के संपर्क में रहते हैं और विभिन्न कंपनियों से रिक्तियों की जानकारी जुटाकर उन्हें युवा संगम के मंच से जोड़ते हैं।
उल्लेखनीय है कि जिले में प्रति सप्ताह आयोजित होने वाली साप्ताहिक समीक्षा बैठकों में युवा संगम की प्रगति नियमित एजेंडे का हिस्सा रहती है। बैठकों में यह देखा जाता है कि किन क्षेत्रों में और बेहतर प्रयास किए जा सकते हैं, किन कंपनियों से संपर्क बढ़ाने की जरूरत है और युवाओं को अधिक से अधिक अवसर कैसे उपलब्ध कराए जाएं। यही कारण है कि युवा संगम अब केवल एक औपचारिक मेला नहीं, बल्कि जिले के युवाओं के लिए भरोसेमंद रोजगार मंच बनता जा रहा है।
युवाओं में बढ़ा उत्साह
युवा संगम को लेकर जिले के युवाओं में खासा उत्साह देखा जा रहा है। पहले रोजगार के लिए दमोह के युवाओं को जबलपुर, भोपाल या अन्य बड़े शहरों का रुख करना पड़ता था, लेकिन अब स्थानीय स्तर पर ही प्रदेश और अन्य राज्यों की कंपनियां आ रही हैं। इससे समय और खर्च दोनों की बचत हो रही है। युवा सरकार और जिला प्रशासन के इन प्रयासों के लिए खुले तौर पर धन्यवाद देते नजर आ रहे हैं। उनका कहना है कि अब उन्हें अपने ही जिले में भविष्य संवारने का अवसर मिल रहा है।
9 माह में उल्लेखनीय उपलब्धि
आंकड़े इस योजना की सफलता की कहानी खुद बयां करते हैं। पिछले 9 महीनों में युवा संगम के माध्यम से 22 हजार 837 रिक्तियां प्राप्त हुईं। इन पदों के लिए 17 हजार 864 युवक-युवतियों ने पंजीयन कर आवेदन प्रस्तुत किए। तय तिथि और स्थान पर 10 हजार 568 अभ्यर्थी उपस्थित हुए और चयन प्रक्रिया में भाग लिया। इनमें से 4 हजार 962 अभ्यर्थियों का चयन किया गया, जिन्हें विभिन्न कंपनियों में रोजगार का अवसर मिला।
स्वरोजगार और अप्रेंटिसशिप को भी बढ़ावा
युवा संगम का उद्देश्य केवल निजी नौकरियों तक सीमित नहीं रहा। योजना के तहत स्वरोजगार को भी विशेष रूप से प्रोत्साहित किया गया। उपलब्ध जानकारी के अनुसार 3 हजार 634 युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ा गया, जबकि 670 युवाओं को अप्रेंटिसशिप के अवसर मिले। इससे युवाओं को न केवल आय का साधन मिला, बल्कि कौशल विकास और भविष्य में बेहतर रोजगार की संभावना भी बढ़ी है।
2026 में महिलाओं पर विशेष फोकस
जिला प्रशासन अब युवा संगम को और अधिक समावेशी बनाने की दिशा में काम कर रहा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार जनवरी 2026 में आयोजित होने वाले युवा संगम की थीम महिलाओं को रोजगार से जोड़ने पर आधारित होगी। कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर के निर्देश पर ऐसी कंपनियों को आमंत्रित करने की तैयारी की जा रही है, जो महिलाओं के लिए अनुकूल कार्यस्थल और पद उपलब्ध कराएं। इससे जिले की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में मदद मिलेगी।
इस पूरे आयोजन में जिला रोजगार अधिकारी एल.पी. लडिया, औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान के प्राचार्य देवेश श्रीवास्तव और सह-प्राचार्य अभिषेक तिवारी का विशेष योगदान रहा है। इनके समन्वय और सतत प्रयासों से युवा संगम की योजना सफलतापूर्वक आगे बढ़ रही है।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / हंसा वैष्णव