दमोह: सांसद ने की विकास योजनाओं की समीक्षा, मेडिकल कॉलेज और रोजगार पर जोर
दमोह, 19 अगस्त (हि.स.)। मध्य प्रदेश के दमोह में बुधवार को हुई जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति की बैठक में सांसद राहुल सिंह लोधी ने जिले में संचालित केंद्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं, विकास कार्यों और आमजन से जुड़े विभिन्न मुद्दों की समीक्षा की गई। बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष रंजीता गौरव पटेल, कलेक्टर प्रताप नारायण यादव सहित जनप्रतिनिधि, समिति सदस्य और विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
बैठक में सांसद लोधी ने कहा कि दमोह-जबलपुर राष्ट्रीय राजमार्ग को टू-लेन से फोरलेन में परिवर्तित किया गया है। सिंग्रामपुर क्षेत्र में करीब 3.5 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड रोड प्रस्तावित है। इससे यातायात सुगम होने के साथ वन्यजीवों के आवागमन में भी सुविधा होगी। उन्होंने सागर-दमोह, जबलपुर-सागर और बकस्वाहा की ओर से आने वाले मार्गों को बेहतर तरीके से जोड़ने की योजनाओं की जानकारी भी दी।
सांसद ने कहा कि दिशा की बैठक प्रत्येक तीन माह में आयोजित होती है। इसका उद्देश्य केंद्र सरकार की योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करने और जिले के विकास के लिए आवश्यक कार्ययोजना तैयार करना है। उन्होंने अधिकारियों से योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने और लंबित कार्यों को समय पर पूरा करने के निर्देश दिए।
बैठक में दमोह मेडिकल कॉलेज की प्रगति की भी समीक्षा की गई। सांसद ने बताया कि कॉलेज में पानी की समस्या का समाधान कर दिया गया है और परियोजना पूर्णता की ओर है। मेडिकल कॉलेज शुरू होने से जिले के लोगों को स्थानीय स्तर पर आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध होने की उम्मीद है।
वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट के तहत दमोह में दमयंती चना की प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित करने की दिशा में चल रहे प्रयासों की जानकारी भी दी गई। इसके अलावा टमाटर प्रसंस्करण और सॉस निर्माण से जुड़े उद्योगों को बढ़ावा देने तथा इच्छुक लोगों को ऋण उपलब्ध कराने पर चर्चा हुई। स्टार्टअप इंडिया और रोजगार मेलों की गतिविधियों की भी समीक्षा की गई।
मत्स्य विभाग की योजनाओं की समीक्षा के दौरान सांसद ने कहा कि लोगों को मछली पालन से जुड़ी विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी दी जानी चाहिए। इसके लिए कार्यशालाएं और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए गए, ताकि अधिक से अधिक पात्र लोग योजनाओं का लाभ ले सकें।
रेलवे से जुड़े विषय में बताया गया कि करैया में करीब 800 मीटर लंबा रैक प्वाइंट तैयार हो गया है। इसके उपयोग से गेहूं, चना और यूरिया की लोडिंग की सुविधा मिलेगी तथा शहर में भारी वाहनों का दबाव कम करने में मदद मिल सकती है। यात्रियों की सुविधा के लिए शेड निर्माण सहित अन्य व्यवस्थाओं को भी आगामी समय में बेहतर किए जाने की बात कही गई।
जिला पंचायत अध्यक्ष रंजीता गौरव पटेल ने कहा कि दिशा की बैठक जिले के विकास कार्यों की निगरानी और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन का महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने उम्मीद जताई कि बैठक में लिए गए निर्णयों से जिले के विकास को नई दिशा मिलेगी।
कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने कहा कि विकास कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूरे हों और उनकी गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाए। उन्होंने स्कूलों, आंगनवाड़ी केंद्रों और अन्य निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष निगरानी रखने तथा लापरवाही पाए जाने पर जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई के निर्देश दिए।
बैठक में सड़क निर्माण में हो रही देरी और तेन्दूखेड़ा क्षेत्र में नल-जल योजना के तहत पाइपलाइन बिछाने के बाद गड्ढों को समय पर नहीं भरने का विषय भी सामने आया। कलेक्टर ने संबंधित एजेंसी को कार्य पूरा होने के बाद गड्ढों को तत्काल भरने के निर्देश दिए।
सड़कों पर आवारा गौवंश से होने वाली दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए भी आवश्यक निर्देश दिए गए। गौवंश को सुरक्षित रूप से नजदीकी गौशालाओं तक पहुंचाने की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया।
सीईओ जिला पंचायत प्रवीण फुलपगारे ने ग्रामीण रोजगार एवं अधोसंरचना से जुड़ी वीबी राम जी राम योजना की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि योजना के तहत जल सुरक्षा, ग्रामीण अधोसंरचना, आजीविका से जुड़े कार्य और मौसम संबंधी परिस्थितियों से निपटने वाले कार्यों पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इनमें जल संरक्षण, रिचार्ज पिट, पौधरोपण, पशु शेड, मुर्गी शेड, बकरी शेड और संपर्क सड़क जैसे कार्य शामिल हैं।
बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि पूर्व बैठकों में लिए गए निर्णयों का पालन सुनिश्चित किया जाए और विकास योजनाओं को निर्धारित समय में पूरा कर उनका लाभ आमजन तक पहुंचाया जाए।
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हिन्दुस्थान समाचार / हंसा वैष्णव