दमोह में समीक्षा बैठक: कलेक्टर ने विभागीय कार्यों की प्रगति परखी, लापरवाही पर जताई नाराजगी
दमोह, 15 जून (हि.स.)। मध्य प्रदेश के दमोह कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी प्रताप नारायण यादव ने सोमवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित साप्ताहिक समय-सीमा समीक्षा बैठक में विभिन्न विभागों के कार्यों, लंबित शिकायतों और शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। बैठक में जिले के सभी विभागों के प्रमुख अधिकारी उपस्थित रहे।
समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने विभागवार प्रगति रिपोर्ट का अवलोकन कर अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण किए जाएं तथा आम नागरिकों की शिकायतों का त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित किया जाए। कुछ विभागों की धीमी प्रगति पर उन्होंने नाराजगी जताते हुए कार्यशैली में सुधार लाने के निर्देश दिए।
बैठक में कलेक्टर के संज्ञान में आया कि जिले के कुछ बीएड कॉलेज निर्धारित शुल्क से अधिक फीस वसूल रहे हैं। इस पर उन्होंने डाइट प्राचार्य तथा हटा और दमोह के एसडीएम को मामले की जांच के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों और अभिभावकों से फीडबैक लेकर निष्पक्ष जांच की जाए तथा दोषी पाए जाने वाले संस्थानों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
प्रताप नारायण यादव ने सीएम हेल्पलाइन और लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत लंबित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को समयबद्ध और संतोषजनक निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शिकायतों के निस्तारण में गुणवत्ता और पारदर्शिता बनाए रखना आवश्यक है।
बैठक में आगामी 21 जून को आयोजित होने वाले अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की तैयारियों की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने संबंधित विभागों को कार्यक्रम का सफल आयोजन सुनिश्चित करने तथा अधिकाधिक जनभागीदारी बढ़ाने के निर्देश दिए।
स्वास्थ्य सुरक्षा और खाद्य गुणवत्ता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से ड्रग इंस्पेक्टरों एवं सहकारी निरीक्षकों को नियमित रूप से मेडिकल स्टोर्स का निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए। वहीं खाद्य सुरक्षा विभाग को ग्रामीण क्षेत्रों में खाद्य सामग्री की सैंपलिंग बढ़ाने, मिलावटी खाद्य पदार्थों पर कार्रवाई करने तथा पैकेज्ड पानी और पानी के पाउच की एक्सपायरी तिथि की जांच करने को कहा गया।
कलेक्टर ने तहसील एवं नगरीय निकाय स्तर पर हेलीपैड निर्माण के लिए भूमि चिन्हांकन की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए। साथ ही जनकल्याणकारी शिविरों में पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ मौके पर उपलब्ध कराने, आयुष्मान कार्ड, संबल कार्ड, लाड़ली बहना योजना के प्रमाण-पत्र तथा अन्य आवश्यक दस्तावेजों का त्वरित वितरण सुनिश्चित करने को कहा।
बैठक में सभी एसडीएम को अपने-अपने अनुभागों में नियमित समीक्षा बैठक आयोजित कर विभागीय कार्यों की मॉनिटरिंग करने के निर्देश भी दिए गए। कलेक्टर ने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य केवल योजनाओं का क्रियान्वयन नहीं, बल्कि उनका प्रभावी लाभ आमजन तक पहुंचाना है, जिसके लिए सभी विभागों को जवाबदेही और समन्वय के साथ कार्य करना होगा।
हिन्दुस्थान समाचार / हंसा वैष्णव