दमोहः कलेक्टर ने किया फिल्टर प्लांट का औचक निरीक्षण, कई खामियां उजागर

 






दमोह, 17 अप्रैल (हि.स.)। मध्य प्रदेश के दमोह जिले में पेयजल व्यवस्था को लेकर कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने शुक्रवार को नगर के मुख्य फिल्टर प्लांट का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान प्लांट की कार्यप्रणाली, जल शुद्धिकरण प्रक्रिया एवं रखरखाव व्यवस्थाओं का गहन परीक्षण किया गया, जिसमें कई गंभीर कमियां सामने आईं।

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने प्लांट के विभिन्न सेक्शनों का जायजा लेते हुए जल आपूर्ति की गुणवत्ता और मात्रा से संबंधित जानकारी ली। उन्होंने मौके पर ही जल का परीक्षण कराया गया, जिसमें कुछ आवश्यक मानक संतोषजनक नहीं पाए गए। इसके अलावा जल शुद्धिकरण में उपयोग होने वाली फिटकरी (एलम) के उपयोग एवं रखरखाव में भी अनियमितताएं पाई गईं।

कलेक्टर ने प्लांट परिसर में साफ-सफाई की स्थिति पर कड़ी नाराजगी जताई। निरीक्षण में पाया गया कि पानी के टैंकों में सिल्ट जमा है और काई की परत बनी हुई है, जो जल गुणवत्ता पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकती है। इस पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों को तत्काल सुधार के निर्देश दिए।

कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि 7 दिनों के भीतर फिल्टर प्लांट की संपूर्ण सफाई सुनिश्चित की जाए, टैंकों की नियमित देखरेख की व्यवस्था बनाई जाए तथा जल शुद्धिकरण की प्रक्रिया को निर्धारित मानकों के अनुरूप संचालित किया जाए। साथ ही एक मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) तैयार कर उसे प्रभावी रूप से लागू करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कलेक्टर ने प्लांट परिसर में एक सूचना चार्ट प्रदर्शित करने के निर्देश दिए हैं, जिसमें जल गुणवत्ता से संबंधित सभी प्रमुख मापदंड अंकित किए जाएंगे, ताकि आमजन एवं मीडियाकर्मी भी इसकी जानकारी प्राप्त कर सकें।

कलेक्टर ने सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि निर्धारित समयसीमा में सुधार नहीं होने पर संबंधित एजेंसी एवं जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि नगरवासियों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

निरीक्षण के दौरान अनुविभागीय दंडाधिकारी सौरव गंधर्व, नगर पालिका जल शाखा प्रभारी इंजीनियर सुशील सोनी, जिला जनसंपर्क अधिकारी वाय.ए. कुरैशी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

प्रशासन ने नागरिकों से जल संरक्षण की अपील करते हुए कहा कि जल का समुचित उपयोग एवं संरक्षण वर्तमान समय की आवश्यकता है, ताकि भविष्य में जल संकट से बचा जा सके।--------------

हिन्दुस्थान समाचार / हंसा वैष्णव