दमोहः कलेक्टर के औचक निरीक्षण में 21 कर्मचारी अनुपस्थित, तीन दिन का वेतन काटने के निर्देश

 




दमोह 20 अगस्त (हि.स.)। मध्य प्रदेश के दमोह जिले में शासकीय कार्यालयों में अधिकारी-कर्मचारियों की समय पर उपस्थिति और स्वास्थ्य सेवाओं की व्यवस्थाओं की जांच के लिए कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने गुरुवार को सीएमएचओ कार्यालय और जिला अस्पताल के दवा स्टोर का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान सीएमएचओ कार्यालय में कुल 21 अधिकारी-कर्मचारी अनुपस्थित पाए गए। इनमें 12 नियमित तथा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन से जुड़े 9 संविदा कर्मचारी शामिल हैं। अनुपस्थित कर्मचारियों के तीन दिवस का वेतन काटने के निर्देश दिए गए हैं।

कलेक्टर सुबह करीब 10:20 बजे जिला मुख्यालय स्थित मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय पहुंचे। अचानक निरीक्षण के दौरान कई कर्मचारी अपने निर्धारित स्थान पर मौजूद नहीं मिले। उपस्थिति की जांच और कार्यालयीन रिकॉर्ड के परीक्षण के बाद अनुपस्थित कर्मचारियों की संख्या 21 तक पहुंची।

कार्रवाई में नियमित कर्मचारियों के रूप में औषधि निरीक्षक महिमा जैन, खाद्य सुरक्षा अधिकारी माधवी बुधोलिया, सहायक ग्रेड-3 रजनी मिश्रा, शेख इरफान खान, राजीव कुमार सोनी, हेमंत अहिरवार, सुधांशु सोनी और नरेंद्र पाल, सहायक मीडिया अधिकारी अभय तिवारी, भृत्य शकील खान, वाहन चालक इमरान खान तथा वार्ड बॉय अंतराम रजक शामिल हैं।

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत अनुपस्थित पाए गए कर्मचारियों में संविदा लेखा प्रबंधक शैलेन्द्र श्रीवास्तव, जिला कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर ऋषि कुमार अहिरवार, एचएमएंडई बलराम राठौर, उपयंत्री विवेक कुमार विश्वकर्मा, फार्मासिस्ट रमाकांत उमरे, डाटा एंट्री ऑपरेटर नरेश अहिरवार, आरबीएसके चिकित्सक रामेश्वर कुर्मी, एपिडेमियोलॉजिस्ट आकांक्षा भारद्वाज तथा आउटसोर्स डाटा एंट्री ऑपरेटर पुष्पेंद्र सिंह लोधी शामिल हैं।

दवा स्टोर के निरीक्षण में सामने आईं कई कमियांसीएमएचओ कार्यालय के निरीक्षण के बाद कलेक्टर जिला अस्पताल के दवा स्टोर पहुंचे। यहां दवाओं के स्टॉक, भंडारण और वितरण व्यवस्था का निरीक्षण किया गया। इस दौरान एक्सपायरी डेट की दवाइयां मिलीं, जबकि निर्धारित तापमान पर रखी जाने वाली दवाओं के लिए लगाए गए छह फ्रिज बंद पाए गए।

दवा स्टोर में किए गए भौतिक सत्यापन के दौरान आठ मदों में से छह में स्टॉक संबंधी विसंगति सामने आने की जानकारी दी गई। मामले को गंभीरता से लेते हुए दवा स्टोर की जिम्मेदारी संभाल रहे दो कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए उन्हें वर्तमान जिम्मेदारी से विरत करने के निर्देश दिए गए।

निरीक्षण में दवाओं के उचित रखरखाव, स्टॉक के नियमित मिलान और एक्सपायरी दवाओं को समय पर अलग करने की व्यवस्था को लेकर भी अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए।

2025 के 16 और 2026 के 39 इंडेंट लंबित मिलेनिरीक्षण के दौरान दवा वितरण व्यवस्था से जुड़ी एक और कमी सामने आई। विभिन्न शासकीय स्वास्थ्य संस्थाओं से दवाओं के लिए भेजे गए कई इंडेंट लंबित पाए गए। जानकारी के अनुसार वर्ष 2025 के 16 इंडेंट तथा जनवरी 2026 से 39 इंडेंट लंबित थे।

कलेक्टर ने निर्देश दिए कि स्टोर में दवा उपलब्ध होने पर इंडेंट प्राप्त होने के 24 घंटे के भीतर संबंधित अस्पताल या स्वास्थ्य संस्था को दवा जारी की जाए। यदि कोई दवा उपलब्ध नहीं है तो उसकी मांग तत्काल संबंधित एजेंसी को भेजी जाए, जिससे दवाओं की आपूर्ति में अनावश्यक विलंब न हो।

मरीजों को समय पर दवा उपलब्ध कराने पर जोरकलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने कहा कि शासन द्वारा उपलब्ध कराई जा रही दवाओं का लाभ मरीजों को समय पर मिलना चाहिए। सरकारी अस्पताल में दवा उपलब्ध होने के बावजूद यदि मरीज को उसे बाहर से खरीदना पड़े तो यह व्यवस्था की गंभीर कमी है।

उन्होंने ई-औषधि पोर्टल के माध्यम से दवाओं की मांग, उपलब्ध स्टॉक और वितरण की ऑनलाइन जानकारी को नियमित रूप से अपडेट करने के निर्देश दिए। साथ ही दवा स्टोर को व्यवस्थित रखने, एक्सपायरी दवाओं को अलग रखने और स्टॉक का नियमित भौतिक सत्यापन कराने को कहा।

अधिकारियों को व्यवस्था सुधारने के निर्देशकलेक्टर के निरीक्षण के दौरान सीएमएचओ डॉ. राकेश राय, सिविल सर्जन डॉ. प्रहलाद पटेल डॉ रीता चटर्जी और डिप्टी कलेक्टर संजय दुबे सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

कलेक्टर ने अधिकारियों से कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं से संबंधित व्यवस्थाओं में किसी भी स्तर पर अनावश्यक विलंब नहीं होना चाहिए। शासकीय कार्यालयों में कर्मचारियों की समय पर उपस्थिति के साथ-साथ मरीजों को दवा और अन्य स्वास्थ्य सुविधाएं निर्धारित समय पर उपलब्ध कराना संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी है।

औचक निरीक्षण में एक ही दिन सीएमएचओ कार्यालय के 21 कर्मचारियों की अनुपस्थिति और जिला अस्पताल के दवा स्टोर में सामने आई कमियों के बाद स्वास्थ्य विभाग की व्यवस्थाओं को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। अब लंबित इंडेंट, स्टॉक में मिली विसंगतियों और दवा भंडारण से जुड़ी कमियों को दूर करने के लिए विभागीय स्तर पर आगे की कार्रवाई पर नजर रहेगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / हंसा वैष्णव